जन्‍मदिन: भारतीय उपमहाद्वीप के विख्यात शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

[ad_1] भारतीय उपमहाद्वीप के विख्यात पंजाबी शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का जन्म 13 फ़रवरी 1911 को अविभाजित भारत के सियालकोट शहर में हुआ था।उनके पिता एक बैरिस्टर थे और उनका परिवार एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार था। उनकी आरंभिक शिक्षा उर्दू, अरबी तथा फ़ारसी में हुई जिसमें क़ुरआन को कंठस्थ करना भी शामिल था। उसके बाद […]

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चित्रकारी की एक ऐसी विधा, जो कथा के साथ-साथ घूमती है

[ad_1] अंग क्षेत्र की अति प्राचीन कलाकृति मंजूषा! चित्रकारी की एक ऐसी विधा, जो कथा के साथ-साथ घूमती है। जिसके साथ जुड़ी है लोकगाथा। घर-घर गाए जाने वाले गीत। उस बिहुला की कहानी, जो पति के प्राण वापस लाने को मंजूषा के साथ उतर पड़ी थी चंपा नदी में।अंग क्षेत्र की मिट्टी में इस आंचलिक […]

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Valentine’s Week में पढ़िए फेमस कलाकारों की प्रेम कहानियां

Valentine’s Week में पढ़िए फेमस कलाकारों की प्रेम कहानियां

[ad_1] साहिर लुधियानवी से अमृता प्रीतम का प्रेम जग-जाहिर था। अमृता ने साहिर से अपने लगाव को आत्मकथा रसीदी टिकट में भी लिखा है। साहिर और अमृता को करीब से पढ़ने वाले जानते होंगे कि कैसे अमृता साहिर की आधी पी चुकी सिगरेट को फिर सुलगाया करती थीं और साहिर अमृता के चाय के प्याले […]

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पुण्‍यतिथि विशेष: हिंदी कवि सुदामा पाण्डेय धूमिल

[ad_1] 9 नवंबर 1936 को उत्तर प्रदेश के बनारस में पैदा हुए प्रसिद्ध कवि सुदामा पाण्डेय धूमिल की आज पुण्‍यतिथि है। उनकी मृत्‍यु 10 फरवरी 1975 को हुई थी।हिंदी की समकालीन कविता के दौर में मील के पत्थर सरीखे धूमिल की कविताओं को पढ़ें तो आजादी के सपनों के मोहभंग की पीड़ा और आक्रोश की […]

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पुण्‍यतिथि विशेष: हिंदी कवि सुदामा पाण्डेय धूमिल

[ad_1] 9 नवंबर 1936 को उत्तर प्रदेश के बनारस में पैदा हुए प्रसिद्ध कवि सुदामा पाण्डेय धूमिल की आज पुण्‍यतिथि है। उनकी मृत्‍यु 10 फरवरी 1975 को हुई थी।हिंदी की समकालीन कविता के दौर में मील के पत्थर सरीखे धूमिल की कविताओं को पढ़ें तो आजादी के सपनों के मोहभंग की पीड़ा और आक्रोश की […]

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पुण्‍यतिथि: वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री गिरिराज किशोर

[ad_1] पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार गिरिराज किशोर की आज दूसरी पुण्‍यतिथि है। 08 जुलाई 1937 को यूपी के मुजफ्फरनगर में जन्‍मे गिरिराज किशोर का साल 2020 में आज के ही दिन यानी 09 फरवरी को हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। मूलत: मुजफ्फरनगर निवासी गिरिराज किशोर कानपुर में बस गए […]

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पुण्‍यतिथि: वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री गिरिराज किशोर

[ad_1] पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार गिरिराज किशोर की आज दूसरी पुण्‍यतिथि है। 08 जुलाई 1937 को यूपी के मुजफ्फरनगर में जन्‍मे गिरिराज किशोर का साल 2020 में आज के ही दिन यानी 09 फरवरी को हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। मूलत: मुजफ्फरनगर निवासी गिरिराज किशोर कानपुर में बस गए […]

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जन्‍मदिन विशेष: जगजीत सिंह को यूं ही नहीं कहा जाता गजल सम्राट

[ad_1] ‘चिटठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देस जहां तुम चले गए’। ये उस गीत की पंक्तियां हैं जिसको मशहूर गायक जगजीत सिंह ने आवाज दी थी।यूं तो ये गीत उनके बेटे की आकस्मिक मौत के काफी समय बाद उन्‍होंने गाया था। इस गीत के जरिये उनका वो दर्द भी सामने आया था […]

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जन्‍मदिन विशेष: जगजीत सिंह को यूं ही नहीं कहा जाता गजल सम्राट

[ad_1] ‘चिटठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देस जहां तुम चले गए’। ये उस गीत की पंक्तियां हैं जिसको मशहूर गायक जगजीत सिंह ने आवाज दी थी।यूं तो ये गीत उनके बेटे की आकस्मिक मौत के काफी समय बाद उन्‍होंने गाया था। इस गीत के जरिये उनका वो दर्द भी सामने आया था […]

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बसंत ऋतु पर पढ़िए कवि नीरज की कविता: धूप बिछाए फूल…

[ad_1] प्रसिद्ध कवि गोपाल दास नीरज ने यूं तो अनेक फिल्‍मी गीत भी लिखे हैं किंतु कवि सम्‍मेलनों में उनकी रचनाओं से हर उम्र वर्ग के लोग उल्‍लास से भर जाते थे।नीरज ने ऐसी ही कुछ मशहूर कविताएं बसंत ऋतु पर भी लिखी हैं। पढ़िए नीरज की ऐसी ही कुछ कविताएं: आज बसंत की रात,गमन […]

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