आधी दुनिया: परिवार से विरासत में मिले साहित्य प्रेम और माहौल से बनी लेखिका प्रियंका ‘सौरभ’

महामारी के खाली समय में लिखने की आदत डाली, अब बाज़ार में आया निबंध संग्रह ‘समय की रेत पर’। कहते है न कि बच्चों को जैसा माहौल घर में मिलता है, उनके भविष्य में उसकी छाप ज़रूर दिखती है। अगर परिवार में गायन का माहौल है तो बच्चें में गायन के गुण स्वतः आ जाते […]

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यशपाल का आजादी की लड़ाई और साहित्य में योगदान

प्रसिद्ध हिन्दी कथाकार एवं निबंधकार यशपाल का जन्म 3 दिसम्बर 1903 को फिरोजपुर (पंजाब) में हुआ था। उनके पूर्वज हिमाचल के भूम्पल गांव, हमीरपुर के रहने वाले थे। दादा गरदुराम विभिन्न स्थानों पर व्यापार करते थे और भोरंज तहसील के टिक्कर भारिया और खरवरिया के निवासी थे। पिता हीरालाल एक दुकानदार और तहसील क्लर्क थे। […]

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अटल जी के भाषणों में झलकता था अपनत्व: पूरन डावर

आज हम एक ऐसे राजनेता , राष्ट्र नेता .. महान देश भक्त जिसके रग रग में देश बसता था…। एक प्रखर वक़्ता, विशेष शैली के सृजनकर्ता की रिक्ततI को भरा नहीं जा सकता …। आज हम नेक मंशा और अटल इरादे रखने वाले भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को […]

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सुशासन दिवस 2024: देश के अप्रतिम नेता अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत का जश्न

डॉ सत्यवान सौरभ 25 दिसम्बर, 2024 का सुशासन दिवस विशेष महत्त्व रखता है क्योंकि यह अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती है। इस मील के पत्थर को मनाने के लिए, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने 19 से 24 दिसम्बर, 2024 तक चलने वाले ‘प्रशासन गाँव की ओर’ नामक एक सप्ताह के अभियान की […]

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संसद के कलुषित परिवेश का जिम्मेवार कौन?

प्रियंका सौरभ संसद में शोर-शराबा, वेल में जाकर नारेबाज़ी करना, एक-दूसरे पर निजी कटाक्ष करना यहां तक कि कई बार हाथापाई पर उतारू हो जाना आज संसद की आम तस्वीर है। आखिर सियासी पार्टियों और सांसदों का बर्ताव इतना अराजक क्यों हो गया है? क्या आज पार्टियों के निहित स्वार्थों ने संसद को मज़ाक बनाकर […]

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क्या आपको पता है! बच्चे डरते क्यों हैं गणित से?

बृज खंडेलवाल आज नेशनल मैथेमेटिक्स डे है। गणित शिक्षा में बदलाव कर इसे कैसे लोकप्रिय बनाया जा सकता है, इस पर क्या कहते हैं, गणित के जानकार। कभी गणित और ज्योतिष का केंद्र रहा भारत आज अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर इस विधा में तेजी से पिछड़ रहा है। किसी भी स्टूडेंट से पूछें, सबसे भयभीत करने […]

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बदली हुई न्याय की देवी से क्या सचमुच न्याय व्यवस्था में भी बदलाव आ जाएगा?

देश में आजकल बदलाव की लहर चल रही है। अब तक तो हमने शहरों के नाम बदलते देखे थे लेकिन हाल ही में न्याय की देवी की मूर्ति ही बदल दी गई। इस नए बदलाव में अब न्याय की देवी का स्वरुप बदल कर उसका भारतीयकरण कर दिया गया है। जहाँ पुरानी न्याय की देवी […]

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हरयान या हरियान शब्दों से नहीं, अहिराणा शब्द से हुई है हरियाणा की व्युत्पत्ति : डॉ. रामनिवास ‘मानव’

डॉ सत्यवान सौरभ हरियाणा प्रदेश के नाम की व्युत्पत्ति के संबंध में विविध थ्योरियाँ हैं। हरियाणा एक प्राचीन नाम है। वैदिक युग में इस क्षेत्र को ब्रह्मवर्त, आर्यवर्त और ब्रह्मोपदेश के नाम से जाना जाता था। ये सभी नाम हरियाणा की भूमि पर ब्रह्मा के उपदेशों पर आधारित हैं और इनका सामान्य अर्थ है- ‘आर्यों […]

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समान पैदावार के साथ स्वास्थ्य जोखिम कम करेगी प्राकृतिक खेती

डॉ सत्यवान सौरभ किसानों की खाद की मांग को पूरा करने के लिए शहरी गीले कचरे से खाद बनाने को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन में शामिल करें। विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन: स्थानीय खाद बनाने के समाधानों के लिए शहर-किसान भागीदारी को बढ़ावा दें। खाद बनाने की तकनीक और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन में किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों को […]

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भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता?

प्रियंका सौरभ ड्राफ्ट यूजीसी (स्नातक डिग्री और स्नातकोत्तर डिग्री प्रदान करने के लिए निर्देश के न्यूनतम मानक) विनियम, 2024 का उद्देश्य लचीले, समावेशी और अभिनव उपायों को पेश करके भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में क्रांति लाना है। ये सुधार पाठ्यक्रम को आधुनिक बनाने और कठोर शैक्षणिक संरचनाओं को कम करने के लिए डिज़ाइन किए […]

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