मिट्टी के दीये जलाएँ, प्रदूषण को दूर भगाएँ और परंपरा भी जीवंत बनायें

प्रियंका सौरभ आधुनिकता के दौर में दीपोत्सव पर मिट्टी की दीये जलाने की परंपरा विलुप्त हो रही है। इससे सामाजिक रूप से व पर्यावरण पर ग़लत प्रभाव पड़ने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता है। पर्यावरण को बचाने के लिए ज़रूरी है आमजन दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाने व पटाखे नहीं चलाने का […]

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मणिपुर की जातीय हिंसा, अधिकारियों की अग्नि परीक्षा

प्रियंका सौरभ हिंसा और जातीय विभाजन के कारण एस्प्रिट डे कॉर्प्स (अधिकारियों के बीच एकता और आपसी सम्मान) तनाव में है, जिससे अधिकारियों के बीच सहयोग और विश्वास कमजोर हो रहा है। संघर्ष ने एआईएस अधिकारियों के बीच पारस्परिक सम्बंधों पर गहरा प्रभाव डाला है, सामाजिक आदान-प्रदान और सहयोग दुर्लभ हो गए हैं। नफ़रत फैलाने […]

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भारतीय शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या

डॉ. सत्यवान सौरभ भारतीय शहरों में प्रदूषण की समस्या बेहद आम है। रिसर्च के मुताबिक भारत के करीब 60 फीसदी शहरों में हवा स्वीकार्य सीमा से भी सात गुणा ज़्यादा प्रदूषित है। भारत जैसे विकासशील राष्ट्र, जहाँ शहरीकरण जारी है, पर्याप्त परिवहन प्रबंधन, उपयुक्त सड़कें और उद्योगों के अनियोजित वितरण जैसी सेवाओं की कमी के […]

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अश्लीलता की बाढ़ में बर्बाद होती युवा पीढ़ी

सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बढ़ती अश्लीलता, देश के लिए नई चुनौती खड़ी कर रही है…भारतीय संस्कृति में सदाचार, चरित्र निर्माण, विनम्रता, प्रेम, दया, त्याग, और आदर-सम्मान जैसे सद्गुणों को हमेशा से ही प्रमुखता दी गई है। इसके बावजूद, समाज में बढ़ते अपराध और नैतिक पतन की ख़बरें हमें आए दिन देखने, सुनने और […]

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आखिर क्यों बार-बार पटरी से उतर रही भारतीय रेल? कहीं ये बड़े कारण तो नहीं..

प्रियंका सौरभ कवच जैसे एटीपी सिस्टम की अनुपस्थिति से ओवरस्पीडिंग या सिग्नल उल्लंघनों के कारण होने वाली टक्करों को रोकना मुश्किल हो जाता है। पुरानी पटरियाँ, खराब रखरखाव कार्यक्रम के साथ मिलकर, अक्सर पटरी से उतरने और दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। 2017 कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की घटना का कारण ट्रैक […]

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लाइक-कमेंट के चक्कर में मौत की रील: बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की भी काउंसिलिंग की जरूरत

डॉ सत्यवान सौरभ सोशल मीडिया के चलते बच्चों और युवाओं में सामाजिक दिखावे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। युवा फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए एक-दूसरे की देखादेखी कर रहे हैं। उन्हें नहीं पता होता कि इसका नतीजा क्या होगा। उन्हें वास्तविकता का पता नहीं है। बच्चे अपने माता-पिता की बात नहीं मानते हैं। जो […]

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प्रोटीन विज्ञान क्रांति: चिकित्सा और प्रौद्योगिकी में परिवर्तनकारी साबित होगा नए प्रोटीन का निर्माण

प्रियंका सौरभ उभरते हुए साक्ष्य दर्शाते हैं कि प्रोटीन-डिज़ाइन तकनीकों की यह नई नस्ल ऐसे प्रोटीन बना सकती है जो अन्य प्रोटीन से जुड़ते हैं। यह जीव विज्ञान में प्रोटीन फ़ंक्शन को मॉड्यूलेट करने की एक महत्वपूर्ण रणनीति है, और इसे विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना अधिक सटीक और शक्तिशाली चिकित्सा पद्धति का मार्ग हो […]

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शहरों से विलुप्त हुई मगर ब्रज के गांवों में आज भी जीवित है टेसू-झांझी की परंपरा

विजयदशमी के पर्व के साथ ब्रज के गांवों में महाभारत काल से जुड़ी टेसू-झांझी की पांच दिवसीय परंपरा शुरू हो जाती है, जो शरद पूर्णिमा पर टेसू-झांझी के विवाह के साथ संपन्न होती है। शहर से लेकर गांव-देहात तक टेसू झांझी की दुकानें सज गई हैं। लेकिन शहर में सजी इन दुकानों को टेसू और […]

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सादगी से महानता तक रतन टाटा की अनमोल विरासत

रतन टाटा का देहावसान न केवल एक महान उद्योगपति की मृत्यु है, बल्कि भारतीय व्यवसायिक परंपरा और नैतिक मूल्यों की युगांतरकारी विभूति का अंत है। भले ही उनका पारसी रीति से अंतिम संस्कार हो, उनके विचार, सिद्धांत और योगदान सदैव अमर रहेंगे। वे सिर्फ एक महान कारोबारी नहीं थे, बल्कि उन्होंने भारतीय पारिवारिक व्यवसाय को […]

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स्पा मसाज पार्लर की अंदरूनी कहानी, पेट भरने के लिए करतीं है देह की नीलामी

…कुछ शौक से तो कुछ की मजबूरी बनी कहानी, पार्लर के कई युवतियों की दास्तां उन्ही की जुबानी….एटीएम,पेटीएम से भी होता है पेमेंट आगरा। मोहब्बत की निशानी ताजमहल के शहर में धड़ल्ले से चल रहे स्पा मसाज पार्लर की आड़ में देह व्यापार के अवैध धंधे की अंदरूनी कहानी भी बड़ी विचित्र है। इस धंधे […]

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