धर्म का धंधा, कभी न मंदा: स्वर्ग जाने का सर्टिफिकेट बांटते तथाकथित महाराज

मदन कोथुनियां हम बचपन में जब कहानियों की कोई भी किताब पढ़ा करते थे, उस में एक कहानी इस टाइप की जरूर होती थी कि एक गांव में एक गरीब ब्राह्मण रहता था….एक दानवीर राजा था, जो सवेरेसवेरे राज्य के 100 ब्राह्मणों को 100 सोने की मोहरें और 100 गायें दान दिया करता था…..वगैरहवगैरह। रोजरोज […]

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धर्म का धंधा, कभी न मंदा: स्वर्ग जाने का सर्टिफिकेट बांटते तथाकथित महाराज

मदन कोथुनियां हम बचपन में जब कहानियों की कोई भी किताब पढ़ा करते थे, उस में एक कहानी इस टाइप की जरूर होती थी कि एक गांव में एक गरीब ब्राह्मण रहता था….एक दानवीर राजा था, जो सवेरेसवेरे राज्य के 100 ब्राह्मणों को 100 सोने की मोहरें और 100 गायें दान दिया करता था…..वगैरहवगैरह। रोजरोज […]

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जल संकट का समाधान: परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संगम

डॉ. सत्यवान सौरभ जल संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है। पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकों को मिलाकर जल संकट से बचा जा सकता है। भारत में जल संरक्षण का एक समृद्ध इतिहास रहा है। हमारे पूर्वजों ने भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुसार जल संरक्षण की अनेक प्रणालियाँ विकसित की थीं, जो आज भी प्रासंगिक हैं। […]

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घोर कलयुग की दस्तक: नैतिक पतन के चलते खतरे में इंसानी रिश्ते….

(घोर कलयुग की दस्तक)*नैतिक पतन के चलते खतरे में इंसानी रिश्ते।* समाज में कितना पतन बाकी है? यह सुनकर दिल दहल जाता है कि कोई बेटा अपने ही माता-पिता की इतनी निर्ममता से हत्या कर सकता है? महिला ने जेठ के साथ मिलकर अपने दो वर्ष के बेटे को मरवा दिया। पत्नी ने प्रेमी सँग […]

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घोर कलयुग की दस्तक: नैतिक पतन के चलते खतरे में इंसानी रिश्ते….

डॉ. सत्यवान सौरभ समाज में कितना पतन बाकी है? यह सुनकर दिल दहल जाता है कि कोई बेटा अपने ही माता-पिता की इतनी निर्ममता से हत्या कर सकता है? महिला ने जेठ के साथ मिलकर अपने दो वर्ष के बेटे को मरवा दिया। पत्नी ने प्रेमी सँग मिलकर मर्चेंट नेवी मे अफसर पति के टुकड़े-टुकड़े […]

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डिप्लोमा वेटरनरी एसोसिएशन हरियाणा: 1016 दिनों से संघर्ष जारी, कब मिलेगा न्याय?

पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर, हरियाणा के इतिहास में सबसे लंबे कर्मचारी आंदोलनों में से एक। हरियाणा पशुपालन विभाग में महानिदेशक पद पर आईएएस अधिकारी की नियुक्ति एवं VLDA कर्मचारियों की माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा स्वीकृत मांगों की अधिसूचना जारी करवाने हेतु Diploma Veterinary Association Haryana 633 द्वारा 1015 दिनों से आंदोलन जारी है। […]

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कुआँ सूखने पर ही पता चलती है पानी की कीमत

डॉo सत्यवान सौरभ,कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट कहावत “जब तक कुआँ सूख नहीं जाता, हमें पानी की कीमत का पता नहीं चलता” हमें इस बात की याद दिलाती है कि हमें अपने जीवन और संसाधनों के प्रति जागरूक और कृतज्ञ रहना चाहिए। चाहे वह जल हो, प्रेम हो, स्वतंत्रता हो या स्वास्थ्य, […]

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संवेदनहीन न्याय? बार-बार समाज को झकझोरते सवेंदनहीन, अमानवीय फैसले

प्रियंका सौरभ क्या हमारी न्याय प्रणाली यौन अपराधों के मामलों में और अधिक संवेदनशील हो सकती है? या फिर ऐसे सवेंदनहीन, अमानवीय फैसले बार-बार समाज को झकझोरते रहेंगे? यह मामला न्यायपालिका की संवेदनशीलता और यौन अपराधों के खिलाफ कड़े कानूनों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फैसले का विरोध […]

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“पेंशन की लड़ाई: कर्मचारियों का हक़ या सरकारी बोझ?”

डॉo सत्यवान सौरभ,कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट भारत में 2004 से पहले सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत पेंशन दी जाती थी। इसके तहत— सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन निश्चित पेंशन मिलती थी। अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में दिया जाता था। महंगाई भत्ता (DA) जुड़ा होता था, […]

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डिजिटल भारत में विचारों पर बेड़ियां: सोशल मीडिया पर टेकडाउन आदेश चिंताजनक…

प्रियंका सौरभ सरकार द्वारा ओटीटी प्लेटफार्मों की निगरानी, सोशल मीडिया पर टेकडाउन आदेश और आईटी नियम 2021 ने डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया है। सेंसरशिप और आत्म-नियमन से प्लेटफार्म अधिक सामग्री हटाने लगे हैं, जिससे विचारों की विविधता प्रभावित होती है। झूठी सूचनाओं और साइबर अपराधों को रोकने के लिए कुछ हद तक […]

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