आगरा में दवाओं के अवैध कारोबार पर औषधि विभाग का बड़ा एक्शन: मुबारक महल में दोबारा हुई छापेमारी, सीज प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड की गहन जांच

स्थानीय समाचार

​आगरा: आगरा के फव्वारा बाजार स्थित मुबारक महल क्षेत्र में दवाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के मामले में औषधि विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों हुई व्यापक छापेमारी के बाद, विभाग की टीमें सोमवार को फिर मौके पर पहुँचीं। इस बार जीत मेडिकल और युग मेडिकल सहित कई सीज किए गए प्रतिष्ठानों के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर की गहन पड़ताल की गई।

​जांच का दायरा बढ़ा

इस अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें आगरा के अलावा अन्य जिलों से भी एक दर्जन से अधिक औषधि अधिकारियों को शामिल किया गया है। अधिकारियों की टीम सीज की गई दुकानों के लाइसेंस, बिलिंग प्रक्रिया और दवाओं के भंडारण से संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर रही है ताकि अनियमितताओं की जड़ तक पहुँचा जा सके।

​मई माह की छापेमारी में सामने आई थी गंभीर अनियमितताएं

21 से 23 मई के बीच हुई कार्रवाई में विभाग ने बड़े पैमाने पर खामियां पकड़ी थीं:

​ज्योति ड्रग हाउस: ₹1.5 करोड़ से अधिक की दवाएं और अवैध गोदाम सीज।

​युग फार्मा: कोल्ड-चेन नियमों के उल्लंघन पर ₹3.6 लाख का स्टॉक सीज।

जीत केमिस्ट: रिकॉर्ड संबंधी विसंगतियों पर ₹16 लाख का इंजेक्शन स्टॉक फ्रीज।

​साहनी मेडिकल एजेंसी: ₹5 लाख का स्टॉक फ्रीज।

​श्री बिहारी जी फार्मा: संदिग्ध नकली ‘O2’ टैबलेट का बैच मिलने पर कार्रवाई।

​48 नमूनों की रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें

विभाग ने पूरे अभियान के दौरान कुल 48 संदिग्ध दवा नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा है। औषधि विभाग के अनुसार, इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। यदि दवाएं मानकों के विपरीत पाई जाती हैं, तो दोषी प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण से लेकर गंभीर कानूनी मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद आगरा के दवा बाजार में हड़कंप मचा हुआ है और कारोबारियों की निगाहें विभागीय रिपोर्ट पर टिकी हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh