बजट से ठीक पहले लगातार 4 दिनों के लिए बंद रहेंगे बैंक, हड़ताल का आह्वान

बजट से ठीक पहले लगातार 4 दिनों के लिए बंद रहेंगे बैंक, हड़ताल का आह्वान

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1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करने वाली है। बजट से ठीक पहले बैंक लगातार चार दिनों के लिए बंद रहेंगे। आम बजट से पहले बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। बैंक यूनियन ने 30 और 31 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। बजट से ठीक पहले बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। उससे ठीक पहले शनिवार और रविवार के कारण बैंकों की छुट्टी होगी। यानी आम बजट से पहले बैंक लगातार चार दिन के लिए बंद रहेंगे।

 बैंक लगातार चार दिन के लिए बंद

करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए ये खबर जरूरी है। बैंक लगातार चार दिनों के लिए बैंक बंद रहने वाले हैं। जनवरी के आखिरी हफ्ते में बैंक खाताधारकों की मुश्किल बढ़ने वाली है। दरअसल, आखिरी हफ्ते में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाने वाले हैं। जिसके कारण बैंकिंग सेवाएं बाधित रहेंगी।

बैंक हड़ताल और दो दिन की साप्ताहिक छुट्टी के कारण बैंक से कैश निकालने, जमा करने से लेकर चेक क्लियरेंस और ड्राफ्ट मेकिंग में आपको परेशानी हो सकती है। इसके अलावा एटीएम से कैश निकालने में भी आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि बैंकों का कहना है कि वो इससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।

कब-कब बैंक रहेंगे बंद

सबसे पहले तो 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कारण बैंक बंद रहेंगे। 27 जनवरी को बैंकों में सामान्य तौर पर काम होता रहेगा। 28 जनवरी को महीने का चौथा शनिवार है, जिसके कारण बैंकों की छुट्टी रहेगी। 29 जनवरी को रविवार के कारण बैंक बंद रहेंगे। 30 जनवरी और 31 जनवरी को बैंक यूनियन ने हड़ताल का आवाहन किया है।

यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने सभी बैंक यूनियनों के दो दिनों से बैंक हड़ताल का आवाहन किया है। अपनी मांगों को सरकार पर दवाब बनाने के लिए बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। ऐसे में बैंकिंग सेवाएं बाधित रहेगी।

क्या है बैंक यूनियन की मांग

ऑल इंडिया बैंक एम्पलॉयज एसोसिएशन का कहना है कि वो लंबे वक्त से अपनी मांगों को लेकर सरकार से बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सकारात्मक जवाब नहीं मिल रहा है।

एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सीएच वेंकटचलम ने कहा कि हम लंबे वक्त से मांग कर रहे हैं कि बैंकिंग कामकाज को पांच दिनों का किया जाए। पेंशन रिव्यू को अपडेट किया जाए। उनकी मांग है किएनपीएस को खत्म किया जाए। लंबे वक्त से वेतन बढ़ोतरी पर बातचीत अटकी हुई है। बैंकों में सभी कैंडरों पर भर्ती रुकी हुई है। जिसे लेकर हम मांग कर रहे हैं।

 

Dr. Bhanu Pratap Singh