​ताले तोड़ने और उत्पीड़न का आरोप: आगरा में ड्रग विभाग के खिलाफ सड़क पर उतरे दवा व्यापारी, एसोसिएशन ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

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आगरा: औषधि विभाग (ड्रग विभाग) की कथित मनमानी और छापेमारी के दौरान अपनाई जा रही संदिग्ध कार्यप्रणाली के विरोध में आगरा के दवा व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। रविवार को ‘जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन’ के नेतृत्व में शहर के सैकड़ों दवा व्यापारियों ने कोतवाली के सामने एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया और विभाग के विरुद्ध अपनी नाराजगी दर्ज कराई।

​बिना सूचना ताले तोड़ने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ड्रग विभाग की टीमें मनमाने ढंग से मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर रही हैं। बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के दुकानों के ताले तोड़े जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई से दवा व्यापारियों में दहशत का माहौल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारी कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन विभाग की यह कार्यशैली न तो पारदर्शी है और न ही मानवीय।

​व्यापारी की मौत का मुद्दा बना बड़ी चुनौती

प्रदर्शन का मुख्य केंद्र हाल ही में हुई दो दवा व्यापारियों की मृत्यु का मामला रहा। एसोसिएशन के अनुसार, ‘रिचा मेडिकल’ के संचालक प्रेम चेसवानी की मौत के पीछे ड्रग विभाग का मानसिक दबाव एक बड़ा कारण है। अध्यक्ष आशु शर्मा ने बताया कि फरवरी माह में लखनऊ से आई टीम ने बिना किसी ठोस आधार के उनकी दुकान सील कर दी थी। जब बाद में सील खोली गई तो दुकान का सामान गायब था। इस घटना के बाद से प्रेम चेसवानी गहरे सदमे और मानसिक तनाव में थे। हालिया छापेमारी की खबरों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी, जिसके परिणामस्वरूप उनका दुखद निधन हो गया। व्यापारियों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और यदि विभाग की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

​’उत्पीड़न नहीं रुका तो होगा बड़ा आंदोलन’

प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की है कि औषधि विभाग अपनी जांच प्रक्रिया को नियमानुसार और पारदर्शी बनाए। व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि ड्रग विभाग द्वारा किया जा रहा यह उत्पीड़न अविलंब नहीं रुका, तो आगरा के केमिस्ट आगामी समय में अपने आंदोलन को और अधिक उग्र और व्यापक रूप देने पर मजबूर होंगे।

इस विरोध प्रदर्शन में एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। उपस्थित प्रमुख लोगों में राम अवतार शर्मा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), देवेंद्र अग्रवाल (कोषाध्यक्ष), अंशुल अग्रवाल, नरेश राजोरा, पिंकी सक्सेना, सुनील अग्रवाल, राजू गुप्ता, सचिन सक्सेना, दुबे जी, अमित वर्मा, हेमंत कुमार, मोनू भक्तानी और दीपू गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल रहे। व्यापारियों का यह प्रदर्शन स्पष्ट संकेत दे रहा है कि यदि समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

Dr. Bhanu Pratap Singh