आगरा नगर निगम में 9 करोड़ की वित्तीय हानि का आरोप: महापौर ने मुख्यमंत्री से की निर्माण कार्यों की ‘थर्ड पार्टी जांच’ की मांग

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आगरा/लखनऊ: ताजनगरी की प्रथम नागरिक महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने शनिवार को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान महापौर ने आगरा की जनता से जुड़े दो सबसे संवेदनशील मुद्दों जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में हो रही अत्यधिक देरी और नगर निगम के निर्माण कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं को पूरी मजबूती के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

​जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र: 21 दिन का काम 4 महीने में भी नहीं

महापौर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था के कारण आम जनता को एक प्रमाण पत्र के लिए 3 से 4 महीने तक सरकारी दफ्तरों की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि 21 दिन की अवधि बीतने के बाद मामला उप जिलाधिकारी (SDM) के पास चला जाता है, जहाँ अत्यधिक कार्यभार के कारण फाइलें डंप पड़ी रहती हैं।

महापौर का सुझाव: उन्होंने मांग की कि नगर निगम में तैनात पीसीएस अधिकारी को 1 वर्ष तक के मामलों के निस्तारण का अधिकार दिया जाए।

पुरानी व्यवस्था की वकालत: महापौर ने कहा कि पहले उप निबंधक (नगर निगम) के पास अधिकार होने से जनता को परेशानी नहीं होती थी, नई प्रक्रिया ने केवल जटिलता बढ़ाई है।

​9 करोड़ की वित्तीय हानि और टेंडर घोटाला?

मुलाकात का दूसरा और सबसे विस्फोटक मुद्दा नगर निगम के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का रहा। महापौर ने मुख्यमंत्री से आगरा नगर निगम में हुए निर्माण कार्यों की ‘थर्ड पार्टी जांच’ कराने की मांग की। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा
​ई-टेंडरिंग की अनदेखी की गई आधुनिक युग में भी ‘ऑफलाइन बॉक्स प्रणाली’ से टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया से निगम को लगभग 9 करोड़ रुपये की चपत लगने का अनुमान है। ठेके देने में चहेतों को फायदा पहुँचाने और समान अवसर के सिद्धांतों को ताक पर रखने की शिकायत भी मुख्यमंत्री से की गई।

​मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन

महापौर ने बताया कि मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (नगर विकास) को बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर सुधार नहीं हुआ, इसलिए उन्हें सीधे मुख्यमंत्री की शरण लेनी पड़ी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और जनहित में प्रक्रिया को सरल बनाने व भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh