Aligarh, Uttar Pradesh, India. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लोगों में कुरान की आयतें अंकित हैं। आरोप है कि एएमयू की मार्कशीट, डिग्री आदि दस्तावेजों से एएमयू के मोनोग्राम से कुरान की आयत को हटाया जा रहा है। उर्दू भाषा को भी धीरे-धीरे एएमयू में खत्म किए जाने का आरोप है। इस बारे में सोशल मीडिया पर लगातार आवाज उठाई जा रही है। एएमयू के प्रशासनिक अधिकारियों को इस बात का जिम्मेदार बताया जा रहा है।
एएमयू के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष हमजा सुफियान ने एएमयू की मार्कशीट में बने मोनोग्राम से कुरान की आयत को हटाने के विरोध में एएमयू प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। इसके बाद एएमयू के कुलसचिव अब्दुल हामिद ने संज्ञान लेकर आज एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें दो बातें कही गई हैं-
1. विश्वविद्यालय मोनोग्राम, जिस पर कुरान की आयत अंकित है, का उपयोग डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाण पत्र, अंतिम वर्ष की अंकतालिका, डीएसडब्ल्यू द्वारा जारी छात्रों के चरित्र प्रमाण पत्र, शेरवानी, बैज, विश्वविद्यालय ध्वज, भवन, साइन बोर्ड, मोनोग्राफ, विश्वविद्यालय डायरी, थीसिस आदि पर किया जा सकता है।
2. बिना कुरान की आयत वाले मोनोग्राम का उपयोग बैठकों, निमंत्रण पत्र, पैम्फलेट, परीक्षा और परीक्षण उत्तर पुस्तिकाओं, कैलेंडर, फाइल कवर, परियोजना और प्रयोगशाला रिपोर्ट, परीक्षा, प्रवेश फॉर्म और लेटर हेड आदि के नोटिस पर किया जाये। इस तरह के कागजात जो नष्ट होने वाले होते हैं वहां क़ुरान की आयात का किसी भी तरह के अनादर से बचा रहेगा। हालाँकि ऐसे मामलों में वृत्त में आयत के स्थान पर 5 सितारों वाला मोनोग्राम इस्तेमाल किया जा सकता है।
- यूपी में ‘गैस का अकाल’ या अफवाहों का जाल? एजेंसियों पर उमड़ी भारी भीड़, अखिलेश यादव ने पूछा- क्या फिर से चूल्हा-चौका कंडे पर शिफ्ट हो? - March 10, 2026
- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह - March 10, 2026
- पंचायत चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा तोहफा, यूपी के 12,200 गांवों तक पहुंचेगी बस सेवा, ओला-उबर पर लागू हुए नए नियम - March 10, 2026