नई दिल्ली। यूजीसी के नए कानून को लेकर देशभर में सियासी घमासान मचा हुआ है। सत्तापक्ष और विपक्ष इस कानून को लेकर आमने-सामने हैं। कोई इसे सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है तो कोई इसके दुष्परिणाम गिना रहा है। इसी बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का इस मुद्दे पर बड़ा बयान सामने आया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यूजीसी में दोषी कोई भी हो, वह बचना नहीं चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष के साथ अन्याय भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें न्याय सुनिश्चित हो। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शंकराचार्य का अपमान किया गया, जबकि यही लोग खुद को सबसे बड़ा सनातनी बताने का दावा करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य को स्नान तक नहीं करने दिया गया, जिसकी जिम्मेदारी सीधे सरकार की है।
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वही समाजवादी पार्टी के X हैंडल से पोस्ट किया गया, “वो योगी कब हो गए? उनका सर्टिफिकेट कहां से मिला? अगर वो दूसरों से सर्टिफिकेट मांग सकते हैं तो अपना भी दिखाएं।” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाया था। उन्होंने कहा था कि यूजीसी बिल को समाजवादी पार्टी का पूरा समर्थन है और यूजीसी ने इसमें कुछ भी गलत नहीं किया है।
एक ही पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग बयानों से यूजीसी कानून को लेकर सियासी बहस और तेज हो गई है।
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