समानता और समृद्धि का बिगुल: आगरा में होगा ऐतिहासिक राष्ट्रीय अधिवेशन
07 सितंबर को जुटेगा देशभर का भारतीय जाटव समाज, डॉ. आंबेडकर के विचारों को मिलेगी नई गति
डॉ भानु प्रताप सिंह
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.आगरा। समानता और समृद्धि के संकल्प के साथ भारतीय जाटव समाज आगामी 07 सितंबर 2025, रविवार को आगरा के राशि रिसोर्ट, नगला शंकर लाल, धनौली में ऐतिहासिक राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने जा रहा है। इस महाअधिवेशन की तैयारियों को लेकर होटल ताज क्लासिक, शिल्पग्राम में देर रात एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
आंबेडकरवादी विचारों को मिली नई गति
बैठक में यह तय किया गया कि अधिवेशन को डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर आधारित सामाजिक जागरण का मंच बनाया जाएगा। इस अवसर पर आगरा में 60 से अधिक पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिससे अधिवेशन की तैयारियों को नई गति मिली।
यह अधिवेशन समाज की एकता और समृद्धि की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
उपेंद्र सिंह का नेतृत्व और समाज की उम्मीदें
बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने की। उन्होंने कहा—“यह अधिवेशन समाज को नई दिशा देगा और बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के सपनों के भारत की ओर एक महत्वपूर्ण कदम होगा।”
समाज की एकता का सशक्त संदेश
प्रदेश अध्यक्ष नेत्रपाल सिंह ने कहा कि अधिवेशन में सभी वर्गों की व्यापक भागीदारी समाज की एकता और शक्ति का प्रतीक बनेगी।

असीम अरुण होंगे मुख्य अतिथि
अधिवेशन में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में पदाधिकारी व समाजबंधु भाग लेंगे। महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति और समाजसेवियों का सम्मान समारोह अधिवेशन की विशेषता होगा।
बैठक में रही गरिमामयी उपस्थिति
इस तैयारी बैठक में प्रदेश महासचिव डॉ. मुन्नालाल भारतीय, प्रदेश सचिव रविंद्र कुमार, मंडल अध्यक्ष तेज कपूर, मनोज सोन, नवीन कुमार, एडवोकेट अर्जुन सिंह, एडवोकेट बबीता रानी शांत, एडवोकेट संजय कुमार, अनिल कुमार, मोहन सिंह खेर, डॉ. नरेंद्र वरुण, जितेंद्र पिप्पल, आकाश आजाद, आनंद कुमार, प्रभु दयाल राजोरिया (पूर्व प्रधान), कमल कुमार, एडवोकेट जगबीर सिंह, अविनाश कुमार, मुकेश गौतम सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
✍️ संपादकीय दृष्टिकोण
आगरा में होने वाला यह राष्ट्रीय अधिवेशन केवल समाज का सम्मेलन नहीं, बल्कि एक जागरण का बिगुल है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह की दूरदर्शिता, संगठन क्षमता और नेतृत्व ने समाज को एकजुट करने का असाधारण कार्य किया है।
उनके प्रयासों से यह अधिवेशन आंबेडकरवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का मंच बनेगा।
उपेंद्र सिंह न केवल एक नेता हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा-स्रोत हैं। उनका यह संकल्प समाज को समानता, एकता और समृद्धि की नई दिशा प्रदान करेगा।
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