आगरा। ताजनगरी में जीएसटी (GST) चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करने का एक बड़ा खेल उजागर हुआ है। राज्य कर विभाग की जांच में एक ऐसी फर्म का खुलासा हुआ है जिसने बिना किसी वास्तविक व्यापार के सरकारी खजाने को 5.07 करोड़ रुपये का चूना लगाया। विभाग की शिकायत पर थाना लोहामंडी पुलिस ने फर्म स्वामी मोहित अग्रवाल के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पीपल मंडी में मिली ‘अस्तित्वहीन’ फर्म
धोखाधड़ी का यह मामला वर्ष 2018-19 और 2019-20 से जुड़ा है। जब विशेष जांच शाखा (SIB) की टीम ने फर्म के घोषित पते 1/134 पीपल मंडी, भेरों नाला पर छापेमारी की, तो वहां कोई कारोबार नहीं मिला। परिसर बंद था और जांच में फर्म पूरी तरह ‘अस्तित्वहीन’ पाई गई। कागजों में करोड़ों का लेन-देन दिखाकर केवल आईटीसी हड़पने के लिए यह फर्जी ढांचा तैयार किया गया था।
रजिस्ट्रेशन निरस्त, अब पुलिस खंगालेगी बैंक खाते
फर्जीवाड़ा पुख्ता होने के बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से फर्म का जीएसटी पंजीकरण निरस्त कर दिया है। थाना लोहामंडी पुलिस अब मोहित अग्रवाल के बैंक खातों, फर्जी बिलिंग नेटवर्क और इस खेल में शामिल अन्य कड़ियों की तलाश कर रही है। पुलिस को शक है कि इस रैकेट के तार अन्य बड़े शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं।
कर चोरों पर विभाग की पैनी नजर
राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि फर्जी बिलिंग के जरिए राजस्व को नुकसान पहुँचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले के सामने आने के बाद विभाग ने उन सभी फर्मों की स्क्रूटनी तेज कर दी है जिनका टर्नओवर अचानक बढ़ा है या जो केवल कागजों पर संचालित हो रही हैं।
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