आगरा। ताजमहल की नगरी आगरा में सुप्रीम कोर्ट के सख्त प्रतिबंधों के बावजूद हरे-भरे पेड़ों पर आरी चल रही है। थाना निबोहरा क्षेत्र के नेहरेपुरा इलाके से सामने आए वीडियो में दर्जनों हरे पेड़ों की कटाई को देखा जा सकता है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह क्षेत्र ताज ट्रैपेजियम जोन में आता है, जहां सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ काटने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है। यहां तक कि छंटाई के लिए भी कोर्ट से अनुमति अनिवार्य है।
इसके बावजूद खुलेआम पेड़ों की कटाई यह बताती है कि वन माफिया स्थानीय वन विभाग और पुलिस की शह से यह कार्य कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण की आड़ में हर साल करोड़ों रुपये के वृक्षारोपण अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। कटते पेड़, मौन विभाग और माफियाओं की मौज।
किसके संरक्षण में काटे जा रहे पेड़?
यह सबसे बड़ा सवाल है, जिसका जवाब न तो वन विभाग दे रहा और न ही स्थानीय पुलिस। न कोई कार्रवाई, न कोई जिम्मेदारी। ऐसे में यह गंभीर मुद्दा सिर्फ पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि प्रशासनिक मिलीभगत का भी संकेत है।
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