Agra News: ‘यूपी एमएसएमई निर्यात सम्मेलन’ का सफल समापन: उद्यमियों को मिला ग्लोबल मार्केट का ‘सक्सेस मंत्र’; 5 जिलों के निर्यातक सम्मानित

BUSINESS

आगरा। आर्थिक आत्मनिर्भरता, औद्योगिक विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को केंद्र में रखते हुए आगरा में आयोजित दो दिवसीय उत्तर प्रदेश एमएसएमई निर्यात सम्मेलन 2026 का दूसरा दिन बेहद प्रभावशाली, व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी रहा। केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, निर्यात विशेषज्ञों और प्रदेशभर से आए सैकड़ों उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी ने सम्मेलन को एमएसएमई के लिए वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ने का मजबूत मंच बना दिया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ दूसरे दिन की औपचारिक शुरुआत

सम्मेलन के दूसरे दिन का शुभारंभ डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) के डायरेक्टर आर.के. सोनी, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) के असिस्टेंट डायरेक्टर आलोक श्रीवास्तव, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के डिप्टी डायरेक्टर रिशु गौतम, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार, चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर सहित अन्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

रजिस्ट्रेशन ही निर्यात की पहली शर्त : आर.के. सोनी

मुख्य अतिथि आर.के. सोनी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र में घरेलू और निर्यात—दोनों स्तरों पर असीम संभावनाएं हैं, लेकिन इसकी पहली और अनिवार्य सीढ़ी पंजीकरण है। बिना रजिस्ट्रेशन के उद्योग सरकारी योजनाओं, प्रोत्साहनों और निर्यात सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसएमई को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि एमएसएमई द्वारा प्रत्यक्ष निर्यात अभी अपेक्षाकृत कम है, जिसे बढ़ाने के लिए ऐसे सम्मेलन अत्यंत उपयोगी हैं। ट्रेड ई-कनेक्ट पोर्टल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, मार्केट सर्च और बायर सर्च को निर्यात विस्तार के लिए जरूरी बताते हुए उन्होंने गुणवत्ता, ब्रांडिंग और लागत-प्रतिस्पर्धा पर विशेष जोर दिया।

एफटीए और निर्यात मिशन से खुलेंगे नए बाजार : आलोक श्रीवास्तव

एफआईईओ के आलोक श्रीवास्तव ने वर्तमान निर्यात परिदृश्य, नए एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन और भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) से मिलने वाले अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सही मार्केट रिसर्च और सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग से एमएसएमई वैश्विक बाजार में सशक्त पहचान बना सकते हैं।

पैकेजिंग में चूक, निर्यात में रुकावट : रिशु गौतम

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के रिशु गौतम ने कहा कि कई बार उत्कृष्ट उत्पाद भी गलत पैकेजिंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्वीकार हो जाते हैं। उन्होंने वैश्विक पैकेजिंग मानकों और तकनीकी अनुपालन को निर्यात की सफलता की कुंजी बताया।

एग्री-एक्सपोर्ट में ब्रांडिंग की बड़ी भूमिका : आलोक मिश्रा

एपिडा** (APEDA) के आलोक कुमार मिश्रा ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात पर जोर देते हुए बताया कि भारत के 17 से अधिक उत्पाद ऐसे हैं, जिनका निर्यात आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने ऑर्गेनिक और प्रमाणित उत्पादों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यूरोपीय बाजारों में एपिडा प्रमाणन अनिवार्य है।

टैक्सेशन की अनदेखी बन सकती है नुकसान का कारण : ऋषि अग्रवाल

सीए ऋषि अग्रवाल ने अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन, डबल टैक्सेशन अवॉयडेंस एग्रीमेंट (DTAA) और ट्रांसफर प्राइसिंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सही टैक्स प्लानिंग और कंप्लायंस के बिना निर्यात लाभकारी नहीं हो सकता।

संगठित निर्यात से ही एमएसएमई को मजबूती : अनिल भारद्वाज

एफआईएसएमई के महासचिव अनिल भारद्वाज ने कहा कि नए बाजारों की पहचान और उपभोक्ता व्यवहार की समझ निर्यात वृद्धि की कुंजी है। उन्होंने एमएसएमई को संगठित होकर निर्यात करने और एक्सपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी की दिशा में कदम बढ़ाने का सुझाव दिया।

ओडीओपी से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान : अनुज कुमार

संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार ने कहा कि ओडीओपी उत्तर प्रदेश की विशिष्ट पहचान है। मथुरा का पेड़ा, आगरा का पेठा, हस्तशिल्प और परिधान जैसे उत्पाद आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं।

निर्यात से ही आर्थिक स्वतंत्रता संभव : पूरन डावर

चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि आर्थिक आज़ादी के बिना कोई भी देश पूर्ण रूप से सशक्त नहीं हो सकता। मजबूत निर्यात-आयात व्यवस्था से ही राष्ट्र की आर्थिक शक्ति बढ़ती है।

ग्रोथ कैटालिस्ट अवॉर्ड 2026 से निर्यात उद्यमी सम्मानित

सम्मेलन के समापन अवसर पर आगरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद और मथुरा के एक दर्जन से अधिक निर्यात उद्यमियों को ‘ग्रोथ कैटालिस्ट अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। सम्मेलन का संचालन सीएस अनुज अशोक ने किया, जबकि व्यवस्थाओं में अनिल सविता, अपरार्क शर्मा, दिलीप कुमार और सोनू का विशेष योगदान रहा।

Dr. Bhanu Pratap Singh