आगरा। नगर निगम आगरा की सदन बैठक शनिवार को सड़क निर्माण में गड़बड़ी और जलकल विभाग की बिलिंग अव्यवस्था पर तीखे हंगामे के बीच सम्पन्न हुई। पार्षदों ने दोनों मामलों में जमकर आरोप लगाए, कड़ी जांच की मांग की और गर्मागर्म बहस के बीच नगर निगम तथा जलकल विभाग का पुनरीक्षित बजट पास कर दिया गया।
सड़क निर्माण में घोटाले का आरोप, सदन में हंगामा
बैठक शुरू होते ही पार्षद रवि करोतिया और प्रवीना राजावत ने हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक हुए सड़क चौड़ीकरण, डामरीकरण और इंटरलॉकिंग कार्य में कथित घोटाले का मुद्दा उठाया। यह काम 15वें वित्त आयोग के फंड से कराया गया था।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि कागजों में इस कार्य को वर्ष 2023–24 में दर्शाया गया है, जबकि सड़क पर इंटरलॉकिंग का उद्घाटन चार महीने पहले ही हुआ था। सवाल उठे कि एक ही सड़क पर एक ही काम दो बार क्यों दिखाया गया? आरोपों के बाद सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।
महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने पार्षदों को शांत कराने की कोशिश की और नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल को उच्चस्तरीय कमेटी से जांच कराकर सात दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। इसके बाद ही सदन की कार्यवाही आगे बढ़ सकी।
जलकल विभाग पर पार्षदों का हमला: “गलती आपकी, सजा जनता क्यों भुगते?”
इसके बाद सदन में पानी के बिलों में अचानक भारी बढ़ोतरी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। पार्षदों ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं का बकाया शून्य था, उनका बिल अचानक हजारों से लाखों रुपये तक पहुंच गया है।
मुद्दा यह था कि वर्ष 2014 के वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर बिल अपडेट होना चाहिए था, लेकिन जलकल विभाग ने इसे लागू नहीं किया। अब 2024 में पुराने मूल्यांकन को लागू कर दिया गया, जिससे बिलों में भारी बढ़ोतरी हो गई। पार्षदों ने मांग की कि नए मूल्यांकन को अप्रैल 2026 से लागू किया जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।
बजट पर सहमति, आंकड़ों में बड़े बदलाव
लंबी चर्चा और बहस के बाद नगर निगम का पुनरीक्षित बजट पास कर दिया गया।
नगर निगम बजट (2025–26)
आय: 1597.81 करोड़ → संशोधित 1590.45 करोड़
व्यय: 1320.77 करोड़ → संशोधित 1427.27 करोड़
कुल बजट: प्रारंभिक अवशेष 416.75 करोड़ जोड़कर 2007.21 करोड़
बचत: 579.94 करोड़ रुपये
जलकल विभाग बजट
आय: 152.23 करोड़ → संशोधित 152.55 करोड़
व्यय: 137.85 करोड़ → संशोधित 138.85 करोड़
पार्षदों ने कहा कि पुनरीक्षित बजट में कई अहम बिंदुओं की पूरी जानकारी शामिल नहीं है, जिससे भविष्य में दिक्कतें आ सकती हैं।
अन्य मुद्दों पर भी गर्मागर्म चर्चा
सदन में कई अन्य विषयों पर भी सवाल उठाए गए—
पानी के बिलों पर एकमुश्त निस्तारण योजना: ब्याज छूट का प्रस्ताव पास, 1 जनवरी 2026 से लागू होगा।
कुत्तों और बंदरों के बंध्याकरण बजट पर तंज: एक पार्षद ने पूछा—“संख्या बढ़ाने का इंजेक्शन तो नहीं लगा रहे?”
अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही इनके लिए शेल्टर होम बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
पार्किंग, होर्डिंग और हाउस टैक्स सुधार पर भी गहन चर्चा हुई।
हंगामे और आरोपों के बीच हुई इस बैठक ने नगर निगम की व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और विभागीय पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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