आगरा। लोहामंडी क्षेत्र के आलमगंज निवासी 70 वर्षीय श्रीमती मनोरमा अग्रवाल ने मृत्यु के पश्चात भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाकर एक अनुपम उदाहरण पेश किया है। उनके निधन के बाद परिजनों ने न केवल उनकी नेत्रों का दान कर दो लोगों के जीवन में रोशनी की उम्मीद जगाई, बल्कि उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनका पार्थिव शरीर एस.एन. मेडिकल कॉलेज को चिकित्सा शिक्षा हेतु सौंप दिया।
परिजनों ने पूरी की अंतिम इच्छा
श्रीमती मनोरमा अग्रवाल का रविवार देर रात निधन हो गया था। उनके पति जवाहरलाल अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्यों ने बजाजा कमेटी के सहयोग से इस पुनीत कार्य का निर्णय लिया। विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल की पहल पर बजाजा कमेटी के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने परिवार से संपर्क किया, जिसके बाद परिजनों ने देहदान के साथ-साथ नेत्रदान के लिए भी तुरंत सहमति दे दी।
एस.एन. मेडिकल कॉलेज में सौंपी गई देह
रविवार रात ही डॉ. शेफाली मजूमदार के निर्देशन में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। सोमवार सुबह लगभग 11 बजे उनके निवास से शवयात्रा के रूप में एम्बुलेंस द्वारा पार्थिव शरीर को एस.एन. मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग लाया गया। यहाँ डॉ. कमल और डॉ. अंजली शर्मा को चिकित्सा शोध एवं पढ़ाई के लिए विधिवत रूप से शरीर सौंपा गया।
समाज के लिए प्रेरणा बना अग्रवाल परिवार
बजाजा कमेटी के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने शोक संतप्त परिवार की इस महान सोच की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रशांत गुप्ता, विष्णु जैन, नंदकिशोर गोयल सहित परिवार के सदस्य और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समाज में संदेश गया कि देहदान से न केवल चिकित्सा विज्ञान को मजबूती मिलती है, बल्कि मानवता की सेवा का संकल्प भी सिद्ध होता है।
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