आगरा: ताज़ नगरी आगरा में अगर आपको व्यवसायिक या भवन निर्माण कार्य कराना हो तो आपको मानचित्र स्वीकृत कराने की जरुरत नहीं है सिर्फ आपको विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी यानि अवर अभियंता व सहायक अभियंता से मिलना पड़ेगा। यह बात हम नहीं कह रहे हैं। आगरा में धड़ाधड़ हो रहे अवैध निर्माण इस बात को साबित कर रहे हैं।
एडीए के नियमानुसार मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आवेदकों को बहुत ही पापड़ बेलने पड़ते हैं और सभी विभागों से एन ओ सी लेने के साथ प्राधिकरण का शुल्क ज़मा करना होता है। जिसके लिए लाखों रूपए का खर्चा होता है। लेकिन अगर आप विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी यानि अवर अभियंता व सहायक अभियंता से कार्य शुरू होने से पहले ही मिल लेंगे तो आपको किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आएगी। सिर्फ सुविधा शुल्क यानि प्रति मामले के हिसाब से चढ़ावा चढ़ाना होगा। जिसके बाद आप अपनी मन मर्जी के मुताबिक निर्माण कार्य भी करा सकते हैं और किसी भी प्रकार की कोई समस्या आपको नहीं आएगी।
आगरा में एक नहीं बल्कि दर्जनों जगह बिना मानचित्र स्वीकृत कराये बड़ी बड़ी कॉलोनी काटी जा रही हैं। छत्ता वार्ड कि बात कि जाए तो कुबेरपुर के मौजा भागुपुर एनएच 19 पर आमने – सामने 10 हजार वर्ग गज व 30 हजार वर्ग गज में अवैध कॉलोनी का निर्माण चल रहा है। यह कोई छोटा निर्माण कार्य नहीं है जिसको देखकर अनदेखा कर दिया जाए। लेकिन बात करें विभागीय अधिकारियो कि तो वह आँखों पर चांदी का चश्मा पहनने के बाद इन अवैध निर्माण कार्य को देख कर भी अनदेखा कर देते हैं।
वहीं एक तरफ प्रदेश कि योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस कि नीति के तहत कार्य कार रही है तो दूसरी तरफ इसके विपरीत आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारी भ्रस्टाचार को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं। इन मामलों में विभागीय अधिकारियो कि गर्दन ना फसे जिसको देखते हुए क्षेत्रीय अवर अभियंता व सहायक अभियंता द्वारा खानापूर्ति करते हुए ऐसे निर्माणकर्ताओ के खिलाफ कर्रावाई के नाम नोटिस दिया जाता है। और इसी नोटिस से अवैध निर्माणकर्ता को अवैध कार्य कि खुली छूट मिल जाती है।
अगर कोई अधिकारी उक्त निर्माण कार्य का संज्ञान ले भी ले तो यह कह कर अपनी गर्दन को बचाया जा सके कि उक्त निर्माण कार्य के विरुद्ध नॉटीसी कार्यवाही कि जा चुकी है। लेकिन बड़ा सवाल यह कि आखिर नोटिसी कार्यवाही के बाद भी निर्माण कार्य कैसे जारी है। अविप्र के नियमो कि बात कि जाए तो अगर आपको किसी भी व्यावसायिक, कॉलोनी व भवन निर्माण कार्य को कराना है तो पहले आपको आगरा विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना होगा।
मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आधा दर्जन से अधिक विभागों से एनओसी लेनी होती है। उसके बाद ही आप निर्माण कार्य शुरू कर सकते हैं। लेकिन आगरा विकास प्राधिकरण की सीमा क्षेत्र में अब ऐसा कहीं भी देखने को नहीं मिल रहा है। मानचित्र स्वीकृत कराने से पहले ही निर्माणकर्ता निर्माण कार्य को शुरू करा देता है। और विभागीय अधिकारी निर्माण कार्य को देखकर भी अनदेखा करते हुए नजर आते हैं। अब देखना होगा कि आगरा विकास प्राधिकरण के लापरवाह अधिकारियों पर विकास प्राधिकरण की वीसी कब तक और क्या कर्रावाई करती हैं।
- उटंगन नदी में नहाने गया युवक गहरे पानी में डूबा: निबोहरा क्षेत्र के गांव नागर में मचा हड़कंप, गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी - August 19, 2026
- आगरा के अछनेरा क्षेत्र में कुलदेवी मंदिर के पास युवक की गोली मारकर हत्या, चार दिन पहले ही आया था बहनोई के घर - August 19, 2026
- लविश्का के जीवन की नई सुबह: आरबीएसके योजना के तहत दिल के छेद का हुआ मुफ्त ऑपरेशन, परिवार में लौटी खुशियां - August 19, 2026