आगरा: अधिवक्ता सुनील शर्मा की आठवीं मंजिल से गिरकर मौत के बाद पुलिस कठघरे में है। पुलिस अमूमन अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को ठंडे बस्ते में डाल देती है, लेकिन इस मामले में पुलिसकर्मी फंस गए हैं। पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो चुका है। अपहरण कर बैनामे के मामले में पुलिस ने अधिवक्ता सुनील शर्मा की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अधिवक्ता की मौत का कारण शॉकिंग हेमरेज से होना आया है। मंगलम आधार अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से गिरने के कारण अधिवक्ता की पसलियां चकनाचूर हो गईं थीं।
यही नहीं दिमाग की नसें फट गईं। सिर में गहरी चोट लगी है। पूरे शरीर पर चोट लगी। अत्यधिक खून बह गया। अधिवक्ता का अपार्टमेंट से गिरने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। इसमें वह छाती के बल जमीन पर गिरते नजर आए थे। शरीर बिल्कुल भी हिलता-डुलता नहीं है। पुलिस के मुताबिक, अधिवक्ता के शव का पोस्टमार्टम दो डॉक्टर के पैनल से कराया। इसकी वीडियोग्राफी भी की गई।
मृतक की पत्नी सुनीता शर्मा ने अपनी तहरीर में लिखा कि पुलिसवालों ने मेरा दरवाजा खुलवाया। मुझसे कहा कि अपने पति को थाना न्यू आगरा भेज देना। तुम्हारे पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। करीब दस मिनट बाद ही पुलिसवालों ने जबरन मेरे घर का मुख्य द्वार तोड़ दिया। पति को घर के अंदर से गाली देते हुए बगल वाले फ्लैट में ले गई और मुझे बंधक बना लिया। पांच-सात मिनट बाद ही पति के चीखने की आवाज आई। वह शोर मचाते हुए बाहर निकली तो 8-10 पुलिसवाले, जिसमें राजीव सिंह, अनुराग सिंह सहित अन्य थे, ये सभी लोग मिलकर पति को फ्लैट संख्या 802 की बालकनी से फेंक रहे थे। शोर करने पर भी पति को आठवीं मंजिल से फेंक दिया।
मंगलम आधार अपार्टमेंट में शुक्रवार रात को आठवीं मंजिल से गिरकर अधिवक्ता की मौत से पहले पुलिस की दबिश का एक वीडियो रविवार को प्रसारित हुआ। इसमें एसओ न्यू आगरा राजीव कुमार सहित अन्य पुलिस वाले नजर आ रहे हैं। अधिवक्ता की पत्नी भी वारंट दिखाने की बात करती सुनी जा सकती हैं। दिवंगत अधिवक्ता के परिजन की ओर से प्रसारित किया वीडियो तमाम अधिवक्ता ग्रुप पर पहुंच गया है। वीडियो 45 सेकंड का है। इसमें दिख रहा है कि तत्कालीन एसओ न्यू आगरा लिफ्ट के पास खड़े हुए हैं। वह बगल के फ्लैट के बारे में पूछ रहे हैं। कहते हैं कि यह फ्लैट भी आपका है। अधिवक्ता की पत्नी कहती हैं कि हमारा क्यों हैं। डॉ. रूही का है। एक दरोगा और नजर आते हैं। उनके सिर पर बाल भी नहीं हैं।
पत्नी सुनीता कहते हुए सुनी जा सकती हैं कि ये सब लोग बिना मेरी परमिशन के, बिना मुझे कुछ भी दिखाए, बिना वारंट के आए हैं। इसमें एसओ कहते हैं कि मैं बता रहा हूं आपको आपके पति के खिलाफ थाना न्यू आगरा पर एक मुकदमा पंजीकृत है। इस पर सुनीता कहती हैं कि वह मुझे भी पता है, लेकिन कम से कम उसके लिए वारंट लेकर, कुछ लेकर आते, रात के समय। ताकि क्या जोड़ा है, क्या बनाया है।
एसओ कहते हैं कि जो मुकदमे में मुल्जिम है, उसमें वारंट नहीं होते हैं। आप अपने पति को भेज देना। या तो वो अपनी जमानत करा लें, या फिर हाजिर हो जाएं। इस वीडियो को देखने के बाद अधिवक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
अधिवक्ता की मौत से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की। साथ ही पुलिसवालों को बाहर निकालकर कलक्ट्रेट के सारे गेट बंद कर लिए।
यही नहीं पेशी पर आए कैदियों की गाड़ी भी अंदर नहीं जाने दिया। उन्होंने सभी साथियों से कार्य बहिष्कार का आह्वान किया। इस दौरान पुलिस व अधिवक्ताओं में काफी बहस हुई। हाईकोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति ने दोषी पुलिसकर्मियों व अधिकारियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की।
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