Agra News: यमुना तट पर काशी सा नज़ारा, सात दिवसीय ब्रज सांस्कृतिक उत्सव का भव्य शंखनाद, भक्ति और पर्यावरण का संगम

स्थानीय समाचार

​आगरा। कालिंदी के तट पर रविवार की शाम आस्था और संस्कृति के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। यमुना किनारा रोड स्थित आरती स्थल पर ‘सात दिवसीय ब्रज सांस्कृतिक उत्सव’ का आगाज़ मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह द्वारा किया गया। शंखनाद, वैदिक मंत्रोच्चार और यमुना मैया के जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, जिससे ताजनगरी के तट पर काशी की दिव्यता का अहसास होने लगा।

वाराणसी की तर्ज पर महाआरती

उत्सव के पहले ही दिन वाराणसी से आए विद्वान पंडितों ने पारंपरिक पद्धति से यमुना जी की भव्य आरती संपन्न कराई। दीपों की रोशनी से जगमगाते घाट और मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। विशेष आकर्षण तब रहा जब श्रीमनःकामेश्वर महादेव के महंत हरिहर पुरी अपनी दो नन्हीं गौ-माताओं के साथ हवन में शामिल हुए, जिसे देख भक्त श्रद्धा से भर उठे।

कला और संस्कृति की जुगलबंदी

सांस्कृतिक मंच पर ‘नृत्य ज्योति कथक केंद्र’ के नन्हे कलाकारों ने अपने पदचाप से समां बांध दिया, वहीं विशाल झा के भजनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्सव स्थल पर वृंदावन के ‘निधि वन’ की मनमोहक प्रतिकृति बनाई गई है, जो आगंतुकों के लिए सेल्फी पॉइंट और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नगर निगम ने आरती स्थल से लड्डू गोपाल की प्रतिमा तक एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ भी तैयार किया है।

​28 फरवरी तक सजेगी महफ़िल

गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय ने बताया कि यह उत्सव 28 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को आयोजित होगा। इसमें हर दिन भव्य आरती के साथ-साथ लोक संगीत, आध्यात्मिक प्रवचन और हस्तशिल्प बाजार का आनंद लिया जा सकेगा। रिवर कनेक्ट अभियान की टीम ने सभी शहरवासियों से इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महाकुंभ का हिस्सा बनने की अपील की है।

Dr. Bhanu Pratap Singh