आगरा गैस कांड: समाधिया कोल्ड स्टोर की लापरवाही ने घोंटा कुकथरी का दम, ​प्रशासनिक अमला रात भर रहा तैनात

स्थानीय समाचार

आगरा (पिनाहट)। पिनाहट के कुकथरी गांव में गुरुवार रात मौत का मंजर उस वक्त करीब नजर आया, जब समाधिया कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस का भारी रिसाव शुरू हो गया। जहरीले धुएं और दमघोंटू गंध ने देखते ही देखते पूरे गांव को ‘गैस चैंबर’ में तब्दील कर दिया।

बदहवास ग्रामीण अपने मासूम बच्चों को गोद में लेकर आधी रात को खेतों की ओर भागने लगे। इस हादसे की चपेट में आने से 35 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें से 27 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएम और एडिशनल सीपी ने पूरी रात गांव में ही कैंप किया।

आंखों में जलन और सांसों पर संकट: प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी

​पास के ही बद्री विशाल कोल्ड स्टोर में काम करने वाले मजदूर मोहम्मद सलीम ने बताया, “अचानक हवा में ऐसी कड़वाहट घुली कि आंखों से पानी गिरने लगा। दम घुटने लगा और कुछ ही सेकंड में वहां खड़ा रहना नामुमकिन हो गया।” गैस का असर इतना तेज था कि कुकथरी गांव के करीब एक हजार घरों में मौजूद तीन से चार हजार की आबादी में हाहाकार मच गया। लोग जान बचाने के लिए गांव खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए।

​प्रशासनिक अमला रात भर रहा तैनात

हादसे की सूचना मिलते ही डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एडिशनल सीपी राम बदन सिंह, और डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने न केवल गांव में राहत कार्यों की निगरानी की, बल्कि अस्पताल जाकर मरीजों का हाल भी जाना। डॉक्टरों ने प्रभावित लोगों के शरीर को गीले कपड़ों से पोंछकर प्राथमिक उपचार दिया ताकि गैस के रासायनिक असर को कम किया जा सके।

कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप

ग्रामीणों और वहां काम करने वाले बरेली-पीलीभीत के मजदूरों का आरोप है कि रिसाव शुरू होते ही कोल्ड स्टोर का स्टाफ अपनी जान बचाकर भाग निकला। प्रबंधन ने गांव वालों या पास के मजदूरों को चेतावनी देने की जहमत नहीं उठाई। यदि समय रहते सूचना मिल जाती, तो शायद इतने बड़े पैमाने पर लोग बीमार न पड़ते। वर्तमान में गांव के आसपास संचालित चार कोल्ड स्टोर और घनी आबादी के बीच मात्र एक सड़क का फासला होने के कारण सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

​समाधिया कोल्ड स्टोरेज पर गिरेगी गाज!

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गैस रिसाव के कारणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है। लापरवाही बरतने वाले समाधिया कोल्ड स्टोरेज के मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल गांव में दमकल विभाग की मदद से रिसाव पर काबू पा लिया गया है, लेकिन दहशत का माहौल अब भी बरकरार है।

Dr. Bhanu Pratap Singh