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अपनी दिवाली मनाने को बुझा दिए दूसरों के घरों के चिराग

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Mathura, Uttar Pradesh, India. अपनी दिवाली मनाने को सरकारी महकमे जनता का दीवाला निकाल देते हैं। यमुना एक्सप्रेस वे पर एआरटीओ की गाड़ी को साइड में खड़ी कर चेकिंग कर रहे थे। कुछ लोगों ने अपनी दिवाली मनाने के लिए दो घरों के चिराग बुझा दिये। हादसे में आधा दर्जन से अधिक यात्री घायल हुए हैं। हादसा होते ही एआरटीओ की गाड़ी वहां से भाग गई। कई वाहनों के चालकों ने बताया कि एआरटीओ की गाड़ी में बैठे लोग कागज चेक करने के नाम पर सुविधा शुल्क मांग रहे थे।

ये है घटनाक्रम
हादसा यमुना एक्सप्रेस वे के थाना मांट क्षेत्र में माइल स्टोन 96 पर घटित हुआ। आगरा से नोएडा की तरफ जा रही प्राइवेट बसों को आरटीओ द्वारा रोका जा रहा था। इसी दौरान आगरा की तरफ से आई एक प्राइवेट बस को जब रोका गया तब पीछे से आयशर कैंटर बस में घुस गई।  यमुना एक्सप्रेस वे के मांट टोल प्लाजा पर शुक्रवार सुबह परिवहन विभाग की गाड़ी से कुछ लोग वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच चेकिंग से बचने को भैंसों के पड़े से लदा तेज रफ्तार कैंटर आगे जा रही बस में घुस गया। हादसे में कैंटर सवार दो लोगों की मौत हो गई, जबकि टक्कर से बस सड़क के दूसरी ओर पहुंच गई और उसमें सवार पश्चिम बंगाल के करीब एक दर्जन यात्री घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद परिवहन विभाग की गाड़ी समेत कर्मचारी भाग गए। हादसा सुबह करीब 9 बजे का है। टक्कर इतनी तेज थी कि बस सड़क के दूसरी ओर काफी दूर तक पहुंच गई।



इनकी हुई मौत, यह हुए घायल
हादसे में कैंटर सवार रवीश निवासी बरनावा, थाना बिनौली जिला बागपत व एक अन्य की मौत हो गई। दूसरे मृतक की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। जबकि कोलकाता से दिल्ली जा रही बस में सवार पंचम दास,निवासी गुवान नदिया पश्चिम बंगाल, शिवकुमार निवासी गुवान, मंसूर व कमल मंडल समेत एक दर्जन लोग घायल हो गए। हादसे के बाद चेकिंग कर रहे वाहन समेत कर्मचारी भाग गए। उधर मथुरा की एआरटीओ प्रशासन बबिता वर्मा का कहना है कि टोल पर चेकिंग के लिए न मैं गई न ही कोई कर्मचारी गया है।

चेकिंग करने वाले कौन थे, भागे क्यों
चेकिंग करने वाले कौन थे और हादसा होने पर क्यों भाग खडे हुए। यह वह वाजिब सवाल है जिसका जवाब मिलना चाहिए। इन दो मौतों की जिम्मेदारी इन लोगों पर नहीं आनी चाहिए। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाही नहीं होनी चाहिए। यह तमाम सवाल लोग उठा रहे थे। कम से कम यह तो सामने आना ही चाहिए कि चेकिंग कर रहे लोग कौन थे और हादसा होने पर भागे क्यों? कई वाहनों के चालकों ने बताया कि एआरटीओ की गाड़ी में बैठे लोग कागज चेक करने के नाम पर सुविधा शुल्क मांग रहे थे।

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