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Mathura, Uttar Pradesh, India. यमुना एक्सप्रेस वे के सर्विस रोड पर लाल ट्राली बैग के अंदर मिली आयुषी यादव (Ayushi Yadav murder case) की पहचान हो गई है। हत्या का खुलासा भी हो गया है। उसके सीने में गोली मारकर हत्या की गई। हत्या करने वाले कोई और नहीं बल्कि आयुषी यादव के पिता थे। पिता ने अपने रिवाल्वर से सीने में दो गोली मारीं। वे आयुषी यादव के प्रेम प्रसंग से नाराज थे। हत्या के बाद 18 घंटे तक शव को घर में ही रखे रहे। अगले दिन सुबह दंपती कार में ट्राली बैग रखकर शव को यमुना एक्सप्रेस वे पर फेंक गए। सोमवार सुबह तक चली पूछताछ में दंपती ने घटना स्वीकार कर ली है।
दिल्ली के बदरपुर थाना क्षेत्र के मोलड़बंद निवासी आयुषी यादव को 17 नवंबर की सुबह करीब 11 बजे उसके पिता नितेश और मां ब्रजबाला ने मिलकर मार दिया था। हत्या के बाद घर में ही उसका शव रखे गए। शव ठिकाने लगाने के लिए अगले दिन सुबह पांच बजे ट्राली बैग में शव रखकर दोनों कार से मथुरा के लिए निकली। दंपति ने मथुरा में दिल्ली-आगरा हाईवे से आए थे। राया थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस वे के सर्विस रोड पर ट्राली बैग फेंकने के बाद एक्सप्रेस वे से होकर लौट गए। जब दंपति मथुरा आ रहे थे, तो पिता कार चला रहा था और मां ट्राली बैग के साथ पीछे बैठी थी, जबकि लौटते समय मां आगे की सीट पर बैठ गई। पुलिस अधीक्षक नगर एमपी सिंह ने बताया कि दोनों ने घटना स्वीकार कर ली है।
बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन 108 पर ट्रॉली बैग में शुक्रवार (18 नवंबर) को युवती का शव मिला था। उसकी बाईं छाती में गोली का निशान था। सिर, हाथ और पैरों में चोट के निशान भी बेरहमी की तरफ इशारा कर रहे थे। आठ टीमें मृतका की शिनाख्त के लिए लगाई थीं। पुलिस को बताया गया कि मृतका दिल्ली के गांव मोड़बंद, थाना बदरपुर की आयुषी है। पुलिस की दो टीमों ने पहुंचकर परिजन ने पूछताछ की। फोटो का मिलान करते हुए स्वॉट टीम और राया पुलिस मां, भाई और पिता को लेकर पोस्टमार्टम गृह पर पहुंची। परिवार मूलत: गांव सुनारड़ी, बलूनी गोरखपुर का रहने वाला है।
परिजनों का कहना था कि 17 नवंबर की सुबह आयुषी (Ayushi Yadav ) घर से गई थी। पुलिस को सूचना न देने के सवाल पर परिजनों ने कहा कि अपने स्तर से उसे खोज रहे थे। मां ने फोटो देखकर उसे पहचानने से पहले इन्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस का माथा ठनका। पुलिस का कहना है कि आयुषी अपने माता-पिता के अलावा चाचा और दादा-दादी के साथ रहती थी। पुलिस शुरू से ही प्रेम प्रसंग में हत्या मान रही थी।
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