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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat. राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यसमिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार ने हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम को सख्ती से लागू करने के शासन के आदेश का स्वागत किया है।
डॉ. देवी सिंह नरवार न शासन से माँग की है कि इस अधिनियम का दुरुपयोग न हो, इस पर भी कड़ी निगरानी रखी जाय। इस अधिनियम के लागू होने से शिक्षकों में भारी बैचेनी है तथा भय और तनाव का माहौल बना है। क्योंकि नकल माफिया पर्दे के पीछे रहकर नकल कराने का ठीकरा कक्ष निरीक्षकों के सिर पर ही फोड़ते हैं। नकल करते पकड़े जाने पर छात्र और शिक्षक दोनों को एक करोड रुपए का जुर्माना और आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।
वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ. देवी सिंह नरवार ने शिक्षकों से अपील की है वे किसी भी दबाव व प्रलोभन से दूर रहकर निर्भीक, निडर, सतर्क तथा तनाव मुक्त होकर निष्ठापूर्वक ईमानदारी से अपनी कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी का निर्वहन भलीभाँति करें तथा परीक्षा की पवित्रता, विश्वसनीयता तथा गोपनीयता बनाये रखें।
उन्होंने जोर देकर कहा है कि बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने की आड़ में शिक्षकों का उत्पीड़न व शोषण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। अगर किसी भी शिक्षकों की कोई समस्या है तो वे अपनी लिखित शिकायत शैक्षिक महासंघ को दर्ज करा सकते हैं।
डॉ. नरवार ने यह भी स्पष्ट किया है कि चूँकि नकल-विहीन बोर्ड परीक्षायें कराना शासन व प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, इसलिये शैक्षिक महासंघ के कार्यकर्ता नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न कराने में अपना भरपूर सहयोग प्रदान करेंगे।
उन्होंने बताया है कि महासंघ के बैनर तले 21 फरवरी अपरान्ह दो बजे नागरी प्रचारिणी सभा, आगरा के पुस्तकालय भवन में ‘‘बोर्ड परीक्षाओं में नकल की प्रवृत्ति कारण एवं निवारण‘‘ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गयी है। परिचर्चा में प्रतिभाग के लिए शिक्षक, अभिभावक व छात्र आमंत्रित हैं।
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