विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने भारत की दस लाख महिला आशा कार्यकर्ताओं को ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉर्ड्स से सम्मानित किया है.
इस सम्मान पर पीएम मोदी ने खुशी जताई है और आशा कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं भी दी हैं.
आशा कार्यकर्ताओं को ये सम्मान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए और कोरोना महामारी के खिलाफ उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए मिला है.
डब्ल्यूएचओ ने सम्मान का एलान करते हुए ट्वीट किया, “हिंदी में आशा का मतलब उम्मीद है. ये स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य संबंधी मदद मुहैया कराते हैं. इसके अतिरिक्त ये हाइपरटेंशन, टीबी और पोषण से, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन जीने के लिए भी परामर्श देते हैं.”
मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को संक्षेप में आशा कहा जाता है. आशा कार्यकर्ताओं का काम ग्रामीण इलाकों में स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से गरीब महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सेवाएँ देना और साथ ही लोगों को जागरूक करना है.
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस सम्मान पर ट्वीट किया, “WHO महानिदेशक के ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड से सम्मानित होने पर आशा कार्यकर्ताओं को बधाई. आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवा वितरण में सबसे आगे हैं. उन्होंने COVID19 की रोकथाम और प्रबंधन के लिए देश की प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.”
-एजेंसियां
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