प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम में हंगामा, UGC और आरक्षण पर सवाल पूछने पर युवा को थप्पड़ मारने का आरोप

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में बीते रविवार को परेड ग्राउंड स्थित ‘प्रबुद्ध महाकुंभ’ के अंतर्गत आयोजित ‘विकसित यूपी’ बैठक के दौरान उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम में एक युवा द्वारा पूछे गए सवाल पर विवाद हो गया। जानकारी के मुताबिक, रोहित तिवारी ‘काका’ नाम के एक युवक ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से सिर्फ इतना पूछ लिया कि “सर, UGC के नए नियमों और आरक्षण पर आपका और सरकार का क्या स्टैंड है?”

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आरोप है कि इस सीधे सवाल से गुस्साए वहां मौजूद भाजपा पार्षद विनय मिश्रा उर्फ सिंटू ने सभी के सामने उस युवक को थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद सत्तापक्ष और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं।

​”सवालों का जवाब तर्क से दिया जाता है, थप्पड़ से नहीं”

घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने सत्ताधारी दल और स्थानीय जनप्रतिनिधि के इस रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया है। यूजर्स ने पूछा कि क्या किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपने अधिकारों और नीतियों पर जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछना कोई गुनाह है? अगर कोई नागरिक अपनी चिंताओं और मुद्दों पर सवाल उठाता है, तो उसका उत्तर तर्क और संवाद से दिया जाना चाहिए न कि हिंसा और अहंकार से।​

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विवाद तब और गहरा गया जब मौके पर पहुंची पुलिस ने थप्पड़ मारने वाले आरोपी पार्षद पर कार्रवाई करने के बजाय सवाल पूछने वाले पीड़ित युवक रोहित तिवारी को ही हिरासत में ले लिया। पुलिस के इस कदम ने आग में घी डालने का काम किया है।

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राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज का आक्रोश

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न यूजर्स और राजनीतिक विश्लेषकों ने तीखी टिप्पणियां की हैं। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर ने लिखा ​”उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में डिप्टी सीएम की ‘विकसित यूपी बैठक’ के दौरान UGC और आरक्षण पर सवाल पूछने वाले एक ब्राह्मण युवक को सरेआम थप्पड़ मारा गया। एक तरफ बीजेपी के नेता ब्राह्मण युवाओं पर हाथ उठा रहे हैं, और दूसरी तरफ चुनाव के समय उन्हें ब्राह्मण समाज का वोट भी चाहिए। जब युवा अपने अधिकारों, UGC नियमों और भविष्य के लिए सवाल उठाता है, तो उसे अपमानित किया जाता है। लोकतंत्र में जनता मालिक है और नेता उसके प्रतिनिधि; सवाल पूछने पर थप्पड़ नहीं, जवाब मिलना चाहिए।”

नेताओं और जनप्रतिधियों के इस आचरण ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या जनप्रतिनिधि अपनी जवाबदेही से भाग रहे हैं। घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव और राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है।

Dr. Bhanu Pratap Singh