“आगरा में महंगाई का झटका: 1 नवंबर की सुबह से महंगी हुई सीएनजी, अब 108 रुपये प्रति किलो पहुंचा नया रेट”

स्थानीय समाचार

आगरा। लगातार बढ़ती महंगाई की मार से जूझ रही आम जनता को एक और तगड़ा झटका लगा है। जिले में रविवार, 1 नवंबर की अल सुबह से सीएनजी (CNG) की कीमतों में एक बार फिर इजाफा कर दिया गया है। ताजनगरी में सीएनजी के भाव अब छलांग लगाकर स्पीड पेट्रोल के दामों के बेहद करीब पहुँच चुके हैं।

​प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शनिवार तक आगरा शहर में सीएनजी 107 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध हो रही थी। रविवार सुबह से इसमें 1 रुपये प्रति किलो की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी गई है। इसके साथ ही अब शहर में स्थित सभी 32 सीएनजी स्टेशनों पर 108 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक्री शुरू हो गई है।

ग्रीन गैस लिमिटेड के विपणन अधिकारी किशन सिंह ने इस मूल्य वृद्धि की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की वैश्विक कीमतों में हुई वृद्धि और अमेरिकी डॉलर के मूल्यों में जारी उथल-पुथल के चलते यह दरें बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा है।

​छह महीने के भीतर 12.25 रुपये उछले दाम

​आगरा में सीएनजी की कीमतों में पिछले छह महीनों के दौरान लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। महज आधा साल पहले जिले में सीएनजी का भाव 95.25 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो अब बढ़कर सीधे 108 रुपये के स्तर पर आ गया है। इस तरह बीते छह महीनों में ही सीएनजी प्रति किलो 12.25 रुपये तक महंगी हो चुकी है।

पूर्व में आम नागरिक पेट्रोल के मुकाबले सीएनजी को एक किफायती और बेहतर विकल्प मानते थे, परंतु निरंतर हो रही मूल्य वृद्धि के कारण अब सीएनजी साधारण पेट्रोल की तुलना में भी महंगी हो चुकी है और स्पीड पेट्रोल की दरों की बराबरी करने लगी है। नतीजतन, सीएनजी वाहन चलाने से होने वाला आर्थिक लाभ अब लगभग समाप्त होने के कगार पर पहुँच गया है।

​65 हजार वाहन चालकों का बजट बिगड़ेगा

​आगरा जिले में लगभग 65 हजार पंजीकृत सीएनजी वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा, कमर्शियल टैक्सियां, ऐप आधारित कैब और निजी कारें शामिल हैं। सीएनजी दरों में वृद्धि का सीधा प्रतिकूल प्रभाव इन सभी वाहन चालकों के दैनिक बजट पर पड़ेगा।

स्थानीय ऑटो रिक्शा चालकों का कहना है कि सीएनजी के दाम लगातार चढ़ने से उनकी रोजाना की शुद्ध बचत घट गई है, जबकि वे सवारियों से किराया नहीं बढ़ा पा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, निजी कार चालक भी सामान्य पेट्रोल और सीएनजी की दरों में अंतर खत्म होने से बेहद चिंतित दिखाई दे रहे हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh