नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक और प्रमुख विरोध स्थलों में शामिल जंतर-मंतर पर अब किसी भी तरह के धरने और प्रदर्शन आयोजित करने पर रोक लगा दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है।
गौरतलब है कि साल 1993 से संसद मार्ग और अशोक रोड के मध्य स्थित यह स्थान धरना-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र बना हुआ था। सरकार के इस कदम के सामने आते ही सियासी हलचल तेज हो गई है और समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता तथा मैनपुरी से लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने इस फैसले पर बहुत तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी और सपा सांसद डिंपल यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार के इस निर्णय पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने लिखा, “जगह बदलने से जन-जागरण नहीं रोक पाओगे। जंतर मंतर से गृह मंत्रालय ने प्रदर्शन स्थल का दर्जा छीन लिया है। सरकार को अगर यह लग रहा है कि किसी जगह को बंद कर देने से वह आम आदमी की न्याय की आवाज दबा देगी तो यह सरकार की सबसे बड़ी भूल है। वोट-चोरी, चंदा चोरी, पर्चा लीक, महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ता अपराध, हर जगह व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ हर भारतीय की आवाज ही जंतर मंतर बन चुकी है।”
सरकार पर निशाना साधते हुए डिंपल यादव ने अपनी पोस्ट के अंत में कुछ कड़ा संदेश देने वाली पंक्तियां भी साझा कीं:
”हर चौपाल, हर नुक्कड़
हर पगडंडी, हर सड़क
हर गाँव, हर घर
हर व्यक्ति जो
बचाने निकला है लोकतंत्र
अब है जंतर-मंतर
चारों दिशाओं से स्पष्ट आवाज़ ये आती है
सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है।”
दिल्ली पुलिस कमिश्नर का आधिकारिक बयान और नए विकल्प
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में जंतर-मंतर से जुड़ी इस पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक की गई। बयान के अनुसार, जंतर-मंतर पर अब किसी भी तरह के राजनीतिक या सामाजिक प्रदर्शन आयोजित करने की मनाही होगी।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर विरोध-प्रदर्शन करने के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए अधिक उपयुक्त एवं वैकल्पिक स्थानों का चयन करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया था। इसी समिति द्वारा सौंपी गई सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर का धरना स्थल का दर्जा समाप्त किया गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से अब राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनों के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं। इन स्थानों में मध्य दिल्ली का प्रसिद्ध रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली का बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी (CBD) मैदान शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन तीनों निर्धारित परिसरों में धरना-प्रदर्शन आयोजित करने से जुड़ी विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जल्द ही अलग से जारी की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह नया आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी किए गए पिछले स्थायी आदेश (संख्या L&O/48/22) में आंशिक संशोधन के रूप में लागू किया गया है।
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