​’दुनिया लॉजिक से चलती है, मैजिक से नहीं’: वास्तु और ज्योतिष के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. खोजा को मिला प्रतिष्ठित गुजराती ब्राइट अवॉर्ड

PRESS RELEASE

​मुंबई: देश के जाने-माने वास्तु विशेषज्ञ, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य, न्यूमेरोलॉजिस्ट, फेस रीडर और हस्तरेखा विशेषज्ञ डॉ. खोजा को उनकी विशिष्ट और सराहनीय सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित ‘गुजराती ब्राइट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। मुंबई में आयोजित किए गए एक भव्य और शानदार समारोह के दौरान उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान बॉलीवुड और टेलीविजन जगत की जानी-मानी हस्तियों के हाथों प्रदान किया गया।

​इस गरिमामयी समारोह में लोकप्रिय अभिनेता दीपक तिजोरी, टेलीविजन जगत के मशहूर अभिनेता हितेन तेजवानी, प्रसिद्ध गायिका भूमि त्रिवेदी और ब्राइट आउटडोर मीडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. योगेश लखानी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए डॉ. खोजा को यह सम्मान सौंपा।

मनोरंजन, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र की कई दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी से यह कार्यक्रम काफी खास बन गया। समारोह में दीपशिखा नागपाल, आरती नागपाल, विस्तास्प गोटला, प्रीति-पिंकी, राजीव रुइया, निकिता रावल और वरिष्ठ अभिनेता मनोज जोशी समेत मनोरंजन जगत के कई जाने-माने सितारे उपस्थित रहे और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

दो बार गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी धारक हैं डॉ. खोजा

शिक्षा और शोध के क्षेत्र में गहरी पकड़ रखने वाले डॉ. खोजा दो बार गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके हैं और उनके पास पीएचडी की डिग्री भी है। उन्होंने वास्तु शास्त्र, वैदिक एवं वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी, न्यूमेरोलॉजी, फेस रीडिंग, हस्तरेखा विज्ञान, लाल किताब और नाड़ी ज्योतिष जैसी तमाम गूढ़ विधाओं का लंबे समय तक गहन अध्ययन किया है।

गुजरात के वापी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले डॉ. खोजा का ज्योतिषीय और वास्तु का यह सफर अब केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश की सीमाओं को लांघकर केन्या, दुबई, अमेरिका, लंदन, थाईलैंड, हांगकांग और दक्षिण अफ्रीका तक फैल चुका है।

​इस शानदार सम्मान को प्राप्त करने के बाद अपने विचार साझा करते हुए डॉ. खोजा ने बेहद प्रेरणादायक बात कही। उन्होंने कहा, “दुनिया लॉजिक से चलती है, मैजिक से नहीं। सोच बदल जाए तो संभावनाओं के नए द्वार अपने आप खुल जाते हैं।” उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि आज के समय में लोग उनके पास केवल अपना भविष्य जानने की उत्सुकता में नहीं आते, बल्कि जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं का ठोस और व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए पहुंचते हैं।

-अनिल बेदाग

Dr. Bhanu Pratap Singh