नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर की घटना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। इस बर्बरता के शिकार साहिल के शरीर से ये छर्रे निकले हैं और वर्तमान में भी उनके शरीर के अंदर ये छर्रे मौजूद हैं।
राहुल गांधी ने एम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि साहिल की आंख में छर्रे लगे हैं, जिसके कारण उनकी आंख की रोशनी पूरी तरह जा चुकी है और अब वे देख पाने में असमर्थ हैं। इसके अलावा, एम्स की रिपोर्ट में यह भी साफ तौर पर दर्ज है कि साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे धंसे हुए हैं और उनके दिल के बिल्कुल पास भी छर्रे फंसे हुए हैं, जिन्हें डॉक्टरों द्वारा निकाला नहीं जा सकता है।
घटना और पुलिस की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने आगे कहा कि जब इस बारे में दिल्ली पुलिस से बात की गई, तो उनका कहना था कि “हमने छर्रे नहीं चलाए।” इस पर उन्होंने तीखा सवाल किया कि अगर पुलिस ने छर्रे नहीं चलाए हैं, तो फिर किसी न किसी ने तो इन छर्रों को चलाया ही होगा। शायद किसी अन्य व्यक्ति ने इन पर छर्रे चला दिए और अगर किसी ने भी नहीं चलाए, तो पता नहीं, शायद इन्होंने खुद ही अपने ऊपर जगह-जगह छर्रे चला लिए होंगे। हालांकि, सच्चाई यह है कि एक गंभीर अपराध घटित हुआ है, क्योंकि पीड़ित के शरीर में आज भी छर्रे मौजूद हैं।
अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर से अपनी Media Bite में कहा कि हम केवल यह मांग कर रहे हैं कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। पीड़ित साहिल देश का एक युवा है, जिनकी मां ज्योति जी और पिता दीपक जी मौके पर खड़े होकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र के भीतर से उन्हें यह बताया जा रहा है कि ऊपर से सख्त आदेश मिले हैं कि इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि इससे अधिक सरल बात और क्या हो सकती है? जब तक पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करती, तब तक हम सब यहां से टस से मस नहीं होने वाले हैं।
देश की व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इस देश में आए दिन लाखों आम नागरिकों, गरीबों और महिलाओं के साथ अन्याय होता है, और यह सब रोजाना घटित होता है। विडंबना यह है कि यह सब देश की राजधानी नई दिल्ली के कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त इलाके में, सबकी खुली आंखों के सामने किया जा रहा है। यही वजह है कि हमारी सिर्फ एक ही मांग है और वह एफआईआर दर्ज कराना है।
उन्होंने अंत में कहा कि इसके अलावा इस मामले की जांच के लिए पुलिस प्रशासन ने जिस भी इन्वेस्टिगेटर को नियुक्त किया है, केवल उसका नाम हमें बता दीजिए, हम यहां से चले जाएंगे। हम केवल इस पीड़ित परिवार के लिए न्याय मांग रहे हैं, लेकिन हमें ऐसा महसूस कराया जा रहा है कि मानो इस देश में किसी युवा पर गोली चलाना आम बात हो गई हो।
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