आगरा में गूंजे देशभक्ति के तराने: माधुर्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था के कार्यक्रम में संगीत और साहित्य का अनूठा संगम

PRESS RELEASE

आगरा। माधुर्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था की ओर से आयोजित देशभक्ति गीतों के कार्यक्रम में संगीत, साहित्य और राष्ट्रप्रेम का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। देशभक्ति गीतों और कविताओं की प्रस्तुतियों ने सभागार में ऐसा वातावरण बनाया कि श्रोता देर तक भाव-विभोर रहे। संस्था अध्यक्ष निशि राज ने जब ‘ऐ मेरे वतन के लोगों, जरा आंख में भर लो पानी’ प्रस्तुत किया तो सभागार भावनाओं से भर उठा और अनेक श्रोताओं की आंखें नम हो गईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ आकाशवाणी के सेवानिवृत्त अधिकारी श्रीकृष्ण, पूर्व कार्यकारी निदेशक नीरज जैन एवं इंडियन आइडल फेम करतार सिंह यादव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। पखावज वादक गिरधारी लाल के निर्देशन में नन्हे कलाकारों ने शास्त्रीय शैली में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। वंदना से कार्यक्रम स्थल का वातावरण भक्तिमय हो गया। संस्था संरक्षक डॉ. राजेंद्र मिलन ने शुभाशीष एवं उद्बोधन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

​देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियों में निशि राज, मोहम्मद रईस, अनुराग किशोर वार्ष्णेय, ओम मिलन, गौरव शर्मा, उत्कर्ष तिवारी, मुकेश वर्मा, कुलश्रेष्ठ सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। देशप्रेम से ओतप्रोत गीतों के बीच कलाकारों ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को संगीत के माध्यम से जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भी देखने को मिला। शरद गुप्ता, संजय गुप्त, रामेंद्र शर्मा ‘रवि’, मोहित सक्सेना, हिरेंद्र नरवार, डॉ. यशोयश, पद्मावती, प्रभुदत्त उपाध्याय, विनय बंसल और गोपाल शर्मा सहित कवियों ने देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से जुड़े काव्यपाठ से समां बांध दिया। कविताओं में देश की मिट्टी, शहीदों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावनाएं प्रमुख रहीं।

कार्यक्रम में लीडर्स आगरा के सुनील जैन, राहुल जैन, शरद गुप्त, महेश शर्मा गोपाली, प्रवेंद्र व्यास, ममता शर्मा, डॉ. आभा चतुर्वेदी, पद्मावती, संजय कुमार, प्रवेश अकेला, राजीव, उमाशंकर मिश्र, हरवीर परमार, किरण तनेजा, साहिल, पार्षद भरत शर्मा, डॉ. महेश धाकड़, उमाशंकर आचार्य एवं सुधीर पाठक सहित शहर के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम का समापन भी राष्ट्रप्रेम की भावनाओं के साथ हुआ। देशभक्ति गीतों और काव्य प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता दिवस की संध्या को यादगार बना दिया।

Dr. Bhanu Pratap Singh