कमला नगर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन: परमहंस स्वामी गिरिशानंद सरस्वती ने बताया भगवान के अवतार का उद्देश्य, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव पर झूमे श्रद्धालु

RELIGION/ CULTURE

आगरा। कमला नगर स्थित प्रतिष्ठित अग्रवाल सेवा सदन में आयोजित पावन श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास परमहंस स्वामी गिरिशानंद सरस्वती ने राजा बलि और वामन भगवान के प्रसंग, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के चरित्र तथा जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का अत्यंत भावपूर्ण और सजीव वर्णन किया। कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा और उपस्थित श्रद्धालु भक्ति की लहर में झूमते नजर आए।

​कथा के दौरान अपने प्रवचन में परमहंस स्वामी गिरिशानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर के प्रत्येक अवतार का मुख्य उद्देश्य इस धरा पर लोककल्याण करना और सनातन धर्म की सुदृढ़ स्थापना करना होता है। जब-जब इस संसार में अधर्म का अंधकार बढ़ता है और धर्म कमज़ोर होता है, तब-तब परमात्मा किसी न किसी रूप में अवतरित होकर मानवता को सत्य, न्याय, धर्म और सदाचार के सही मार्ग पर चलना सिखाते हैं। भगवान का हर एक रूप अपने भीतर संपूर्ण समाज और मानव जीवन के लिए कोई न कोई गहरा दिव्य संदेश छिपाए रहता है।

​बलि-वामन प्रसंग और त्याग की महिमा

कथा के क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राजा बलि और वामन भगवान के प्रसंग का सुंदर चित्रण किया। उन्होंने बताया कि राजा बलि दानवीर होने के साथ-साथ भगवान के अनन्य और समर्पित भक्त थे। भगवान वामन ने उनके भीतर उत्पन्न हुए हल्के से अहंकार की परीक्षा लेते हुए समस्त संसार को यह संदेश दिया कि मनुष्य को कभी भी अपनी शक्ति, अकूत संपत्ति या उपलब्धियों पर घमंड नहीं करना चाहिए। जीवन की वास्तविक महानता केवल त्याग, विनम्रता और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण भाव रखने में ही निहित है।

श्रीराम चरित्र से मिलती है जीवन जीने की प्रेरणा

भगवान श्रीराम के पावन चरित्र का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम का संपूर्ण जीवन लोक-मर्यादा, उच्च त्याग, सत्यनिष्ठा और कर्तव्य-परायणता का सर्वोत्तम और जीवंत आदर्श है। उन्होंने अपने आचरण से पूरे विश्व को यह सिखाया कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी विकट और विपरीत क्यों न आ जाएं, एक मनुष्य को कभी भी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। प्रभु श्रीराम का जीवन आज के दौर में भी हर परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक है।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव की अलौकिक धूम

इसके उपरांत, जैसे ही लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग कथा पंडाल में गूंजा, पूरा वातावरण उत्सव और आनंद के रंगों में रंग गया। कथा स्थल पर भगवान बालगोपाल के जन्म की भव्य और सुंदर झांकी सजाई गई, जिस पर श्रद्धालुओं ने जमकर पुष्पवर्षा की और जयकारों के साथ अपने आराध्य का स्वागत किया। ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के उद्घोष से पूरा प्रांगण गूंज उठा और भक्तजन भजनों की स्वरলहरियों पर थिरकने लगे।

नंदोत्सव के इस पावन अवसर पर बाल गोपाल के अलौकिक स्वरूप का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान कथा पंडाल का आध्यात्मिक परिवेश ऐसा बना कि उपस्थित सभी भक्त स्वयं को ब्रजधाम की आनंदमयी और दिव्य लीलाओं के बीच महसूस करने लगे।

​कथा व्यास ने आगे बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का इस पृथ्वी पर अवतरित होना केवल कोई ऐतिहासिक या धार्मिक घटना मात्र नहीं है, बल्कि यह अधर्म पर धर्म की, अंधकार पर प्रकाश की और अहंकार पर प्रेम की शाश्वत विजय का प्रतीक है। श्रीकृष्ण का पूरा जीवन हमें प्रेम, करुणा, कर्मयोग, नीति और धर्म के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की गहरी प्रेरणा देता है।

गरिमामयी उपस्थिति और अतिथियों का स्वागत

इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्व हिन्दू महासंघ मठ मंदिर आरएन द्विवेदी, जिला न्यायाधीश महेंद्र सिंह और आशीष सिंह ने व्यास पीठ की भव्य आरती उतारकर आशीर्वाद लिया। इस दिव्य आयोजन के मुख्य यजमान के रूप में पंकज अग्रवाल और आरती अग्रवाल ने पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दीं।

​समारोह में हर्ष अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, पिंकी अग्रवाल, ऋषभ अग्रवाल, पलक अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, चिराग अग्रवाल, सोनम अग्रवाल, हिमांशु मित्तल, रुचि मित्तल, विपुल बंसल, तन्वी बंसल, शुभम अग्रवाल, दीक्षा अग्रवाल, यश बंसल, मुस्कान बंसल, राजीव गर्ग, अर्चना गर्ग, रामकिशन अग्रवाल, सारिका अग्रवाल और लता बंसल सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल एवं आकर्षक संचालन रजत पांडे द्वारा किया गया।

Dr. Bhanu Pratap Singh