जब बोलने नहीं देते तो बुलाते क्यों हो… रविदास जयंती कार्यक्रम के दौरान मंडल अध्यक्ष पर भड़के विधायक छोटेलाल वर्मा, कार्यक्रम छोड़ कर निकले

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आगरा: ताजनगरी के फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मीठपुरा गांव में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित संत शिरोमणि रविदास जयंती समारोह के दौरान एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। कार्यक्रम में उस समय अचानक राजनीतिक माहौल गर्मा गया, जब मंच से अपनी बात रखने और संबोधन का मौका नहीं मिलने से क्षेत्रीय भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा बुरी तरह नाराज हो गए।

विधायक की नाराजगी इस हद तक बढ़ गई कि उन्होंने कार्यक्रम के बीच में ही मंडल अध्यक्ष को खरी-खोटी सुनाई और बिना कार्यक्रम पूरा किए ही वहां से निकल गए। इस पूरे घटनाक्रम का करीब 38 सेकंड का एक वीडियो अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर बेहद तेजी से वायरल हो रहा है।

मंच पर मौजूदगी, लेकिन नहीं मिला संबोधन का अवसर

भारतीय जनता पार्टी संगठन की ओर से इन दिनों संत शिरोमणि रविदास की जयंती के उपलक्ष्य में बड़े पैमाने पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले के तहत शनिवार को फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के मीठपुरा गांव में भी एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस पूरे आयोजन का नेतृत्व स्थानीय भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेश चौहान कर रहे थे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फतेहाबाद के भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा को भी विधिवत आमंत्रित किया गया था। इसके अलावा, कार्यक्रम में क्षेत्र के दो पूर्व विधायक भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद बताए जा रहे हैं। विधायक समय पर कार्यक्रम में पहुंचे और मंच पर विराजमान भी रहे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब उन्हें जनता या कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए नहीं बुलाया गया, तो उनका धैर्य जवाब दे गया।

​’जब बोलने नहीं देते तो बुलाते क्यों हो?’

मंच से लगातार नजरअंदाज किए जाने और बोलने का अवसर न मिलने से विधायक छोटेलाल वर्मा का गुस्सा फूट पड़ा। कुछ देर बाद उन्होंने मंच पर ही मंडल अध्यक्ष योगेश चौहान के पास जाकर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस 38 सेकंड के वीडियो में विधायक स्पष्ट रूप से यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं— “जब बोलने नहीं देते तो बुलाते क्यों हो?” इसके साथ ही वे यह सवाल भी करते नजर आते हैं कि— “गांव में विधायक को नहीं बोलने दोगे क्या?”

​विधायक के इन तीखे तेवरों और नाराजगी के दौरान मौके पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ता और अन्य गणमान्य लोग कुछ पलों के लिए पूरी तरह असहज नजर आए। बताया जा रहा है कि वहां मौजूद कुछ समझदार लोगों ने विधायक को शांत कराने और स्थिति को संभालने का प्रयास भी किया, लेकिन विधायक अपनी नाराजगी पर अड़े रहे।

मंडल अध्यक्ष को सुनाई खरी-खोटी और छोड़ा कार्यक्रम

वायरल वीडियो में विधायक और मंडल अध्यक्ष के बीच बातचीत के दौरान साफ देखा जा सकता है कि मतभेद किस कदर सतह पर आ गए थे। विधायक ने मंच से भाषण का मौका न दिए जाने को लेकर मंडल अध्यक्ष को खरी-खोटी सुनाई। जब माहौल और अधिक बिगड़ता दिखा, तो वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी और विधायक छोटेलाल वर्मा कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर वहां से चले गए।

38 सेकंड का वीडियो वायरल होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज

इस पूरी घटना का जो 38 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, उसने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। वीडियो में विधायक की नाराजगी और उनकी बातचीत साफ तौर पर रिकॉर्ड है। हालांकि, इस बात को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है कि आखिर किस कारण से विधायक को मंच से बोलने का अवसर नहीं दिया गया था। इस मामले पर आयोजकों या स्थानीय संगठन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, और वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं की गई है।

​संत शिरोमणि रविदास की जयंती के इस पवित्र और सामाजिक समरसता वाले कार्यक्रम में जिस प्रकार की अंदरूनी नाराजगी और कलह सामने आई है, उसने एक बार फिर स्थानीय भाजपा संगठन के बीच आपसी समन्वय और जनप्रतिनिधियों के मान-सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद से आगरा के राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी है।

Dr. Bhanu Pratap Singh