आगरा: जिले में सोमवार को बरौली अहीर स्थित सेन्ट एन्ड्रियूज पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरौली अहीर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित पांडे ने स्कूल के छात्र अभिनव, जीशान खान और छात्रा जाह्नवी उपाध्याय को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर सेन्ट एन्ड्रियूज पब्लिक स्कूल में 825 छात्रों ने दवा खाई l
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एक साल से 19 साल तक के बच्चों व किशोर-किशोरियों को कृमि मुक्ति दवा हर साल दो बार पेट के कीड़े निकालने वाली दवा खिलाई जाती है। पेट में कीडे़ होने के चलते बच्चे-किशोरों में खूनी की कमी हो जाती है। दरअसल कीड़े पूरा पोषण खा जाते हैं और बच्चे कुपोषण के साथ ही एनीमिक भी हो जाते हैं। बच्चों और किशोर-किशोरियों में कृमि के कारण मानसिक और शारीरिक विकास बाधित होता है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि अभियान के दौरान निजी व सरकारी 5022 स्कूलों और 3004 आंगनबाड़ी केंद्रों में 13.90 लाख बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। जो बच्चे रह गए हैं उन्हें 14 अगस्त को मॉप-अप राउंड के दौरान दवा खिलाई जाएगी।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से एक से पांच साल तक के बच्चों को दवा खिलाई गई। जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में छह से 19 साल तक के बच्चों व किशोरों को शिक्षकों की मदद से दवा खिलाई।
डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत एक से पांच साल तक के बच्चों और छह से 19 साल तक स्कूल न जाने वाले बच्चों और घूमंतु व ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों को भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। छह से 19 साल तक के स्कूल जाने वाले बच्चों को शिक्षकों के माध्यम से और किशोर जुबेनाइल होम में प्रभारी अधीक्षक के माध्यम से पेट के कीड़े निकालने वाली दवा खिलाई गई।
दवा खाने के बाद 12 वर्षीय छात्र पीयूष यादव ने बताया कि हमारे स्कूल की प्रधानाचार्या ने प्रार्थना और पेरेंट्स मीटिंग में बच्चों और अभिभावकों को एल्बेंडाजोल के बारे में बताया था। क्लास टीचर ने भी हमें कृमि संक्रमण से बचाव की जानकारी दी। मैंने पेट के कीड़े निकालने वाली दवा एल्बेंडाजोल खाई। मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। यह दवा बिल्कुल सुरक्षित है।
12 वर्षीय छात्र कृष गुप्ता ने कहा मैंने एल्बेंडाजोल की दवा खाई है। मेरी क्लास की सभी छात्राओं ने भी दवा ली। हमें कोई दिक्कत नहीं हुई।
कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर सेन्ट एन्ड्रियूज पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल शाहिबा खॉ, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सतीश यादव, बीईओ जगत सिंह राजपूत, चीफ फार्मासिस्ट संजय शर्मा, एविडेंस एक्शन इंडिया संस्था के जिला समन्वयक शाहिद खान व स्कूल के अध्यापकगण व अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
कृमिनाशक दवा खाने के फायदे यह हैं—–
– रोग प्रतिरोधक शक्ति में वृद्धि
– स्वास्थ्य और पोषण में सुधार
– एनीमिया नियंत्रण
– समुदाय में कृमि व्यापकता में कमी
– सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधार
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