संसद में सांसद नवीन जैन के सवाल पर सरकार का बड़ा खुलासा: देश में उमंग के 11.66 करोड़ और डिजिलॉकर के 72.43 करोड़ से अधिक यूजर्स

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नई दिल्ली: संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में सांसद नवीन जैन द्वारा देश में डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार और उनकी पहुंच को लेकर उठाए गए एक महत्वपूर्ण सवाल के लिखित उत्तर में इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विस्तृत आंकड़े साझा किए हैं।

मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि केंद्र सरकार देश के नागरिकों को सरल, पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से डिजिटल सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराने के लिए ‘उमंग’ (UMANG), ‘डिजिलॉकर’ (DigiLocker) और सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के नेटवर्क का लगातार और व्यापक विस्तार कर रही है।

​उमंग और डिजिलॉकर पर उपलब्ध सेवाओं के आंकड़े

केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गत 31 जुलाई 2026 तक ‘उमंग’ प्लेटफॉर्म पर केंद्र सरकार की 880 और विभिन्न राज्य सरकारों की 1,695 सेवाओं को मिलाकर कुल 2,575 सरकारी सेवाएं सुलभ कराई जा चुकी हैं। इसके अलावा, ‘डिजिलॉकर’ प्लेटफॉर्म पर केंद्र सरकार के 661 और राज्य सरकारों के 4,776 प्रकार के विभिन्न दस्तावेज व प्रमाणपत्रों को मिलाकर कुल 5,437 प्रकार की डिजिटल सुविधाएं जनता के लिए उपलब्ध हैं।

​उपयोगकर्ताओं की संख्या का जिक्र करते हुए सरकार ने बताया कि उमंग प्लेटफॉर्म के वर्तमान में 11.66 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता (Registered Users) हैं, और पिछले तीन वर्षों के दौरान इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 798 करोड़ डिजिटल लेन-देन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर, डिजिलॉकर की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके 72.43 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं तथा पिछले तीन वर्षों में इसके जरिए करीब 72.86 करोड़ डिजिटल दस्तावेज और प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।

गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच रहा डिजिटल नेटवर्क

डिजिटल सेवाओं को केवल शहरी इलाकों तक सीमित न रखकर देश के अंतिम छोर पर बसे गांवों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक सुलभ बनाने के लिए सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के मजबूत नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2026 तक देश की ग्राम पंचायत स्तर पर कुल 4,07,122 सामान्य सेवा केंद्र और लगभग 70,069 बी2सी (B2C) एजेंट सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं, जो ग्रामीण जनता को डिजिटल सेवाओं का लाभ दिला रहे हैं।​

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आगे जानकारी दी कि उमंग और डिजिलॉकर दोनों ही आधुनिक मोबाइल और वेब आधारित प्लेटफॉर्म हैं, जिन्हें [Aadhaar Redacted], ई-साइन (e-Sign) और अन्य डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के साथ एकीकृत (Integrated) किया गया है। इससे देश के आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी के बिना पूरी तरह से कागजरहित (Paperless) और सुरक्षित तरीके से सरकारी सेवाएं मिल रही हैं। सरकार इसके साथ ही डिजिटल साक्षरता बढ़ाने, बहुभाषी सेवाओं का विस्तार करने और देश के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पहुंच को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

​सांसद नवीन जैन की प्रतिक्रिया

संसद में इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाने वाले सांसद नवीन जैन ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘डिजिटल भारत’ की परिकल्पना और उसकी सफलता तभी पूरी तरह सार्थक हो सकती है, जब देश के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी और प्रशासनिक सेवाएं बहुत ही सरल और सहज रूप से पहुंच सकें।

उन्होंने कहा कि संसद में इस विषय को उठाने का उनका मुख्य उद्देश्य सरकार और प्रशासन का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित करना था कि नागरिकों को तकनीक के माध्यम से अधिक बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिल सकें। मंत्री द्वारा दिए गए इन जवाबों से यह स्पष्ट होता है कि सरकार देश में डिजिटल सेवाओं के दायरे को बढ़ाने और गांवों तक उनकी सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh