आगरा में बारिश के बीच बड़ा हादसा: जलभराव में अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में पलटा ऑटोरिक्शा, सवारियों की चीख-पुकार से मचा हड़कंप

स्थानीय समाचार

आगरा: ताजनगरी में शुक्रवार दोपहर और शाम को हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर विकास कार्यों के नाम पर चल रही भारी लापरवाही और अंधेरगर्दी की पोल खोलकर रख दी है। शहर के अलग-अलग इलाकों में जलभराव इस कदर जानलेवा साबित हुआ कि दो अलग-अलग घटनाओं में ऑटोरिक्शा सीधे पानी से भरे गहरे गड्ढों में जा समाए। थाना एत्माद्दौला के नगला बिहारी अंडरपास क्षेत्र और पीलाखार इलाके में हुई इन डरावनी घटनाओं के बाद पूरे शहर में अफरा-तफरी और रोष का माहौल पैदा हो गया है।

एत्माद्दौला: जल निगम के खुले गड्ढे में पलटा ऑटो, देवदूत बने स्थानीय लोग

थाना एत्माद्दौला के अंतर्गत आने वाले नगला बिहारी अंडरपास क्षेत्र में शुक्रवार शाम तेज बारिश के बीच सड़क पर भारी जलभराव हो गया था। इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक ऑटोरिक्शा अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क के निकट जल निगम की पाइपलाइन के लिए खोदे गए पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में जा पलटा। इस टेंपो के अंदर तीन महिलाएं और दो छात्राएं सवार थीं। पानी अधिक होने के कारण जब वे डूबने लगीं, तो उनकी जान बचाने के लिए आसपास के स्थानीय लोग किसी फरिश्ते या देवदूत की तरह दौड़ पड़े और बड़ी मशक्कत से उनकी जान बचाई।

इस बीच, गड्ढे में किसी अन्य व्यक्ति के भी डूबे होने की आशंका को देखते हुए तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन अधिकारी सोमदत्त सोनकर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि गड्ढे से सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि चोटिल सवारियों को फौरन इलाज के लिए अस्पताल रवाना कर दिया गया।

​जांच में यह बात सामने आई कि यह खतरनाक गड्ढा जल निगम की पेयजल पाइपलाइन डालने के लिए खोदा गया था। महीनों बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया और इस गहरे गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया था। शुक्रवार की बारिश के कारण उसमें भारी मात्रा में पानी भर गया, जिससे वह सड़क के पानी में पूरी तरह छिप गया और चालक को उसकी गहराई का दूर-दूर तक अंदाजा नहीं लग पाया।

पीलाखार: सीवर लाइन के गड्ढे में डूबा ऑटो, चार सुरक्षित तो दो की तलाश जारी

​ठीक इसी तरह की एक अन्य हृदय विदारक घटना शुक्रवार शाम आगरा के पीलाखार क्षेत्र में सामने आई। यहाँ भी तेज बारिश के बीच सड़क के जलभराव से गुजर रहा एक ऑटोरिक्शा अचानक संतुलन खो बैठा और सड़क किनारे सीवर लाइन की खुदाई के चलते बने एक अन्य पानी से भरे गहरे गड्ढे में पलट गया। इस ऑटो में कुल छह लोग सवार थे, जो पलटी खाते ही सीधे गहरे पानी में जा गिरे और डूबने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीलाखार क्षेत्र में करीब आठ महीने पहले सीवर लाइन बिछाने के नाम पर भारी-भरकम खुदाई की गई थी। लेकिन काम अधूरा छोड़ देने के कारण यह जानलेवा गड्ढा खुला का खुला रह गया था। बारिश के पानी ने इस कदर इस गड्ढे को ढक लिया कि सड़क और गड्ढे का फर्क मिट गया।

ऑटो के पलटते ही पानी में डूबे लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत पानी में कूद पड़े। स्थानीय नागरिकों की सतर्कता और अदम्य साहस के चलते चार लोगों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिनमें से तीन घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। हालांकि, दो अन्य लोग देर शाम तक पानी में लापता बताए गए, जिनकी तलाश के लिए प्रशासन और पुलिस की टीमें रातभर जुटी रहीं।

​निर्माणदायी संस्था की गंभीर लापरवाही उजागर

लगातार सामने आ रही इन दोनों घटनाओं के बाद क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों और पीड़ितों में प्रशासन और निर्माणदायी संस्था के खिलाफ भारी आक्रोश भड़क उठा है। लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन और पाइपलाइन के लिए महीनों पहले गहरी खुदाई तो कर दी गई, लेकिन सुरक्षा के नाम पर न तो मौके पर कोई बैरिकेडिंग की गई और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड या रेडियम संकेतक लगाया गया।

जनता का साफ कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए होते और इन खुले हुए मौत के कुओं को ढक दिया होता, तो ताजनगरी के लोगों को इस तरह के भयानक हादसों का सामना नहीं करना पड़ता। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की सुरागरसी के लिए हरसंभव संसाधन झोंक दिए गए हैं और बचाव अभियान पूरी मुस्तैदी से जारी है।

Dr. Bhanu Pratap Singh