आगरा। आगरा के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को दुरुस्त करने और शिक्षण कार्य में बाधा को खत्म करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. राकेश सिंह ने एक कठोर प्रशासनिक निर्णय लिया है। 30 जुलाई 2026 से प्रभावी हुए इस नए आदेश के तहत, अब जिले के किसी भी सरकारी स्कूल में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग पर प्रतिबंध
आदेश के अनुसार, यूट्यूबर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर या कोई भी बाहरी व्यक्ति अब बिना सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के विद्यालय परिसर में कदम नहीं रख सकेगा। यही नहीं, विद्यालयों के भीतर फोटो खींचने और किसी भी तरह की वीडियोग्राफी पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
शिक्षण कार्य को प्राथमिकता
बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा था कि बिना अनुमति बाहरी लोग स्कूलों में घुसकर वीडियो बना रहे थे और सोशल मीडिया पर डाल रहे थे। इस तरह की गतिविधियों से न केवल कक्षा में चल रही पढ़ाई बाधित होती है, बल्कि छात्रों का ध्यान भी भटकता है। साथ ही, इससे विभाग की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था।
कड़ाई से पालन के निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और प्रधानाध्यापकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि किसी को किसी वैध काम से स्कूल जाना है या वीडियो रिकॉर्डिंग करनी है, तो उसे पहले सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी।
इस निर्णय का उद्देश्य विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को एक शांतिपूर्ण और बाधा-रहित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
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