पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल बोले- चंपत राय के पास ऐसी कौन-सी जानकारी है, जिसके सामने प्रधानमंत्री मोदी भी बेबस नज़र आ रहे हैं?

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नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर केंद्र सरकार और मंदिर प्रबंधन पर तीखे हमले किए। उन्होंने इस प्रकरण को “प्रभु श्री राम के मंदिर में हुई महा-डकैती” करार दिया।

“आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले राक्षसों को बचाया जा रहा है”

अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में हुए करोड़ों के चढ़ावे की चोरी में शामिल लोगों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि देश की जनता का मानना है कि जब तक इस डकैती में शामिल बड़े चेहरे बेनकाब होकर कानून के दायरे में नहीं आएंगे और उन्हें कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक करोड़ों राम भक्तों की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।

​”चंदा चोर पार्टी ने सत्ता के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम का इस्तेमाल किया”

केजरीवाल ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने पिता की आज्ञा के पालन के लिए सत्ता का त्याग कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया था। इसके विपरीत, उन्हीं के नाम का इस्तेमाल कर सत्ता में आई पार्टी ने राम मंदिर को अपनी “पैसों की हवस” का शिकार बना लिया है।

​सिंधी एसोसिएशन के दान का उदाहरण और आस्था को ठेस

प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने 26 जनवरी 2021 की एक घटना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सिंधी एसोसिएशन ने मंदिर के लिए 200 किलो चांदी दान में दी थी, लेकिन उस समय उन्हें कोई रसीद नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि भक्तों का विश्वास था कि वे भगवान को अर्पित कर रहे हैं, इसलिए उन्हें रसीद की आवश्यकता नहीं लगी। लेकिन आज जब वे चोरी की खबरें सुन रहे हैं, तो मंदिर प्रबंधन और उनके “आकाओं” से उनका भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।

​प्रधानमंत्री और चंपत राय पर सवाल

अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि देश यह जानना चाहता है कि मंदिर से चोरी हुए अरबों रुपये, सोना, चांदी, जवाहरात और भगवान की पादुकाएं आखिर कहाँ गईं? केजरीवाल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने चंपत राय से हिसाब-किताब मांगा था, लेकिन उन्होंने रिकॉर्ड देने से इनकार कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “आखिर चंपत राय के पास ऐसी कौन-सी जानकारी है, जिसके सामने प्रधानमंत्री मोदी भी बेबस नज़र आ रहे हैं?”

​आम आदमी पार्टी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि राम भक्तों की टूटी आस्था को फिर से बहाल किया जा सके।

Dr. Bhanu Pratap Singh