सपा प्रमुख अखिलेश यादव बोले- एक SIT किसी की रिकॉर्ड तोड़ ‘अयोध्या’ यात्राओं की पड़ताल के लिए भी बनानी चाहिए

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लखनऊ/अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम के कथित गबन मामले की जांच अब राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बन गई है। मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित एसआईटी (SIT) की टीम बीते चार दिनों से अयोध्या में डेरा डाले हुए है और मामले से जुड़े संदिग्धों से लगातार पूछताछ कर रही है। इसी बीच, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर करारा प्रहार किया है।

​अखिलेश का तंज: “अयोध्या यात्राओं की भी हो जांच”

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अयोध्या यात्राओं पर कटाक्ष करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “एक SIT किसी की रिकॉर्ड तोड़ ‘अयोध्या’ यात्राओं की पड़ताल के लिए भी बनानी चाहिए।” अखिलेश के इस बयान के बाद राज्य का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। विपक्ष ने जहां इस मामले में सरकार को घेरने की कोशिश की है, वहीं सत्ता पक्ष ने इसे रामभक्तों की भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील विषय करार दिया है।

​योगी का दो टूक जवाब: “दूध का दूध और पानी का पानी होगा”

अयोध्या दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आग्रह पर ही हमने निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रही है और यह जांच दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।” सीएम ने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी प्रकार का संदेह नहीं छोड़ा जाएगा।

​”सबूत दें, राजनीति से बचें”

मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं और आम लोगों से आग्रह किया कि इस पवित्र विषय पर कोई भी अनर्गल टिप्पणी न की जाए, जिससे रामभक्तों की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा, “यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ा कोई ठोस दस्तावेजी प्रमाण (Documented Proof) है, तो उसे सीधे एसआईटी को उपलब्ध कराएं। जांच टीम उसकी गहन पड़ताल करेगी। हमारी सरकार का संकल्प है कि इस मामले में अपराधी चाहे कोई भी हो, वह बख्शा नहीं जाएगा।”

​फिलहाल, एसआईटी की टीम मामले की बारीकियों को खंगालने में जुटी है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्षों के आधार पर इस पूरे प्रकरण में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh