मरणोपरांत भी जीवित हैं आगरा के मधुर जैन: परिजनों के नेक फैसले से दो लोगों को मिली नई दृष्टि, समाज में गूंजी प्रशंसा

PRESS RELEASE

आगरा: मृत्यु के बाद भी इंसानियत को अमर बनाए रखने का एक अद्भुत उदाहरण आगरा के पश्चिमपुरी, बोदला क्षेत्र से सामने आया है। 51 वर्षीय मधुर जैन के असामयिक निधन के बाद उनके परिजनों ने शोक की इस कठिन घड़ी में साहस और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनका नेत्रदान करने का साहसी निर्णय लिया। इस नेक कार्य से दो दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में अब रोशनी लौटने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

परिजनों ने निभाया मानवता का सर्वोच्च धर्म

पश्चिमपुरी निवासी स्वर्गीय विनोद कुमार जैन के पुत्र मधुर जैन के निधन पर पूरे परिवार में गम का माहौल था। बावजूद इसके, परिवार ने समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखा। परिवार ने ‘हेल्प आगरा’ के देहदान एवं नेत्रदान प्रभारी प्रतीक जैन से त्वरित संपर्क किया और नेत्रदान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। शोकाकुल परिजनों का यह निर्णय समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

​एस.एन. मेडिकल कॉलेज की टीम द्वारा संपन्न हुई प्रक्रिया

नेत्रदान की सूचना मिलते ही एस.एन. मेडिकल कॉलेज के आई बैंक की टीम पूरी तत्परता के साथ सक्रिय हो गई। आई बैंक प्रभारी डॉ. शेफाली मजूमदार के कुशल निर्देशन में ग्रीफ काउंसलर दीपक शर्मा और उनकी चिकित्सकीय टीम ने निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए दोनों कॉर्निया को सुरक्षित रूप से प्राप्त किया। डॉक्टरों के अनुसार, यह कॉर्निया अब दो ऐसे व्यक्तियों के प्रत्यारोपण में उपयोग किए जाएंगे, जो लंबे समय से दृष्टिहीनता के अंधेरे में जी रहे थे।

हेल्प आगरा की लोगों से भावुक अपील

‘हेल्प आगरा’ के पदाधिकारियों—अध्यक्ष सुरेंद्र जैन, महासचिव गौतम सेठ अग्रवाल, प्रभारी प्रदीप जैन और मीडिया प्रभारी नंदकिशोर गोयल ने इस पुनीत कार्य को ‘मानव सेवा का सर्वोच्च शिखर’ करार दिया। संस्था ने समाज से अपील की है कि लोग अपने जीवनकाल में ही नेत्रदान का संकल्प लें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इस महान कार्य के लिए प्रोत्साहित करें।

संस्था ने जानकारी दी है कि नेत्रदान या देहदान के बारे में किसी भी प्रकार की सहायता अथवा जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति हेल्प आगरा के हेल्पलाइन नंबर 9319111000 पर संपर्क कर सकते हैं। संस्था द्वारा लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का ही परिणाम है कि आज आगरा में लोग मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन को रोशन करने के लिए आगे आ रहे हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh