लखनऊ। राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा देने जा रही दो बहादुर छात्राओं ने अपनी सूझबूझ और साहस से न केवल खुद को बचाया, बल्कि एक कुख्यात अपराधी को भी सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। सोमवार तड़के हुई इस घटना ने साबित कर दिया कि जब हौसले बुलंद हों, तो अपराधी अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं हो सकता।
क्या था पूरा मामला?
लखीमपुर खीरी की रहने वाली दो सहेलियां सोमवार सुबह 3:30 बजे मड़ियांव से चारबाग पहुंची थीं। उन्हें रायबरेली में परीक्षा देने जाना था। ऑटो चालक ने रास्ता बंद होने का बहाना बनाकर उन्हें बहलाया और पारा थाना क्षेत्र के सुनसान रामलीला मैदान के पास ले गया। यहाँ चालक ने मारपीट और छेड़खानी शुरू कर दी।
डर के आगे जीतीं बेटियां
आरोपी की दरिंदगी देखकर लड़कियां घबराईं नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला किया। एक छात्रा ने धक्का देकर उसे गिराया, तो दूसरी ने आरोपी की उंगली को अपने दांतों से चबा डाला। युवतियों के शोर मचाने और एक राहगीर की आहट पाकर दरिंदा वहां से भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पहले दोनों को सुरक्षित रायबरेली परीक्षा केंद्र भेजा और उसके बाद कार्रवाई में जुट गई।
मुठभेड़ में दबोचा गया पुराना दरिंदा
डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान हरदोई निवासी ‘हसीब’ के रूप में हुई। देर रात पुलिस ने उसे मुन्नू खेड़ा पुलिया के पास घेरा, जहाँ उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में हसीब के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हसीब एक आदतन अपराधी है, जो पहले भी 2024 में इसी तरह की वारदात के लिए हरदोई के संडीला में जेल जा चुका है।
- त्योहारी सीजन में डिजिटल पेमेंट करने वालों को बड़ी राहत, यूपीआई पर MDR लागू करने का फैसला फिलहाल टला - October 13, 2026
- कोलकाता में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बदसलूकी: कालीघाट दुर्गा पंडाल उद्घाटन के दौरान महिला ने की हमले की कोशिश - October 13, 2026
- मोदी कैबिनेट से एल मुरुगन का इस्तीफा: केंद्रीय राज्यमंत्री और राज्यसभा सदस्यता पद छोड़ संगठन में लौटे - October 13, 2026