ताजमहल के रॉयल गेट से गिरा संगमरमर का पत्थर, बाल-बाल बचे पर्यटक

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आगरा: विश्व धरोहर ताजमहल की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को ताजमहल के मुख्य प्रवेश द्वार ‘रॉयल गेट’ की पच्चीकारी (इनले वर्क) में लगा एक भारी संगमरमर का पत्थर अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। घटना स्थल पर्यटकों के आवागमन के लिए बने रैंप और वीडियो प्लेटफॉर्म के पास होने के कारण स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी, लेकिन गनीमत रही कि उस समय वहां कोई भी पर्यटक मौजूद नहीं था।

​कैसे हुई घटना?

पत्थर के गिरते ही उसके कई टुकड़े हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। रॉयल गेट ताजमहल का वह हिस्सा है जहाँ से हर दिन हजारों देशी-विदेशी पर्यटक गुजरते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना स्थल पर अक्सर भीड़ रहती है, लेकिन संयोगवश उस समय वहां सन्नाटा था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।

पुराना मसाला बना कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐतिहासिक इमारत में पत्थर को थामे हुए पुराना चूना-मसाला समय के साथ जर्जर हो चुका है। मौसम की मार और पत्थर की ढीली पकड़ के चलते यह घटना हुई है। घटना ने एएसआई (ASI) और संरक्षण विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि समय रहते इन पच्चीकारी वाले पत्थरों की जांच नहीं की गई, तो आगे भी ऐसी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

सुरक्षा को लेकर चिंताएं

रॉयल गेट के इस हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब संबंधित विभाग ने पूरे द्वार की जांच के संकेत दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने मांग की है कि ताजमहल के सभी द्वारों और मुख्य संरचनाओं का विस्तृत तकनीकी ऑडिट किया जाए ताकि आने वाले समय में विश्व के सात अजूबों में शुमार इस स्मारक को कोई नुकसान न पहुंचे और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh