​’गाय को किसी घोषणा की जरूरत नहीं, वह साक्षात मां है’: मौलानाओं की मांग पर बिजनौर से सीएम योगी का कड़ा प्रहार

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​बिजनौर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वाले मुस्लिम धर्मगुरुओं और मौलवियों को आड़े हाथों लिया है। बिजनौर में पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि गाय किसी सरकारी घोषणा की मोहताज नहीं, वह करोड़ों हिंदुओं की ‘माता’ है।

​’सोच पशुवत है’

​सीएम योगी ने तीखे लहजे में कहा कि गाय को केवल ‘पशु’ कहना उनकी संकुचित और ‘पशुवत’ सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “मां और पुत्र के रिश्ते को किसी प्रमाण पत्र या घोषणा की आवश्यकता नहीं होती। यह हमारे संस्कार हैं कि हमने गाय को माता माना है।” उन्होंने मौलानाओं की इस मांग को उनका ‘दोगलापन’ करार देते हुए कहा कि जो लोग एक तरफ गोकशी को बढ़ावा देते हैं, वे ही दूसरी तरफ ऐसी मांगें कर रहे हैं, जो हास्यास्पद है।

​गोकशी पर दी कड़ी चेतावनी

समारोह के दौरान सीएम योगी ने गोहत्या के मुद्दे पर अपनी सरकार की नीति फिर से स्पष्ट की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यूपी में गोहत्या का अंजाम क्या होता है, यह सभी जानते हैं। अगर कोई भी इस तरह का जघन्य कृत्य करने की हिम्मत करेगा, तो आने वाली कई पीढ़ियां उस अंजाम को याद रखेंगी।”

​क्या है पूरा मामला?

बता दें कि यह बयान हाल ही में बकरीद के परिप्रेक्ष्य में आए उस घटनाक्रम के बाद आया है, जिसमें कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि गाय की कुर्बानी इस्लाम में अनिवार्य नहीं है। इसके बाद देश के कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सामाजिक सौहार्द को देखते हुए बकरीद पर गाय की कुर्बानी न करने की अपील की थी और साथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई थी। उसी मांग के जवाब में सीएम योगी ने यह कड़ा रुख अख्तियार किया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh