25 वर्षों की सेवा, विश्वास और समर्पण: बच्चों के स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव बना डॉ अरुण चाइल्ड हॉस्पिटल
सेवा का रजत जयंती पर्व: निशुल्क शिविर से जनकल्याण का संदेश, अभिभावकों को टिप्स, बच्चों को उपहार दिए
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat . आगरा में डॉ अरुण चाइल्ड हॉस्पिटल के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक भव्य निशुल्क बाल रोग चिकित्सा शिविर और गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि समाज के प्रति समर्पण और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। सैकड़ों बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
खुशियों की सौगात: बच्चों को उपहार, चेहरों पर मुस्कान
इस विशेष अवसर पर बच्चों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे, मानो स्वास्थ्य के साथ-साथ खुशियों का भी वितरण हो रहा हो। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि चिकित्सा केवल उपचार नहीं, बल्कि संवेदनाओं का भी संचार है।
संस्कारों के साथ शुरुआत: श्रद्धांजलि और दीप प्रज्ज्वलन
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ अरुण जैन के माता-पिता के चित्र पर माल्यार्पण और भगवान गणेश की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। यह भारतीय परंपरा और संस्कारों के प्रति सम्मान का संदेश देता है, जो इस आयोजन की आत्मा में स्पष्ट रूप से झलकता है।

विश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी: डॉ अरुण जैन का भावपूर्ण संदेश
अरुण जैन ने कहा कि 25 साल में जो विश्वास प्राप्त हुआ है, उसके लिए हम आभारी हैं। मरीजों ने विश्वास जताया है इसलिए हम सफल हुए हैं। जन्म से 18 वर्ष तक बच्चों का इलाज होता है। टीकाकरण है समेत समस्त प्रकार की आईसीयू की सुविधा है। 24 घंटे सेवा है। न्यूनतम लागत पर इलाज करते हैं।
स्वस्थ बचपन के सूत्र: अभिभावकों को जरूरी सलाह
डॉक्टर जैन ने कहा कि 6 माह तक के बच्चों को मां का दूध ही पिलाएं, उसके बाद पौष्टिक आहार दें। बोतल का इस्तेमाल न करें। नियमित टीकाकरण कराएं। मोबाइल की लत न लगने दें। बच्चों को बाहर खेलने गए प्रेरित करें, ताकि उनकी हेल्थ अच्छी हो। बच्चों में मोटापा की समस्या गंभीर हो रही है। बच्चे हमारे देश का भविष्य है। आज नहीं सिखाएंगे तो आगे चलकर मोटापा, ब्लड प्रेशर की समस्याएं उभर कर आएंगी। वादा करता हूं जी तोड़ मेहनत करेंगे और बच्चों की खुशी के लिए जो कुछ हो सकेगा, वह करेंगे।
समर्पण की मिसाल: डॉ संध्या जैन की भावनात्मक अभिव्यक्ति
पैथोलॉजिस्ट डॉ संध्या जैन ने कहा, डॉ अरुण जैन इस अस्पताल के केवल डायरेक्टर नहीं बल्कि आत्मा है। आपकी मेहनत समर्पण छोटे से छोटे मरीज के प्रति आपका लगाव प्रेरणादायक है। मरीजों के लिए कितनी भी रातें बिना नींद के गुजारी हैं लेकिन कभी हार नहीं मानी। अस्पताल आप 25 साल पूरे कर रहा है तो हजारों बच्चों के स्वस्थ जीवन की कहानी बन चुका है। मुझे आप पर बहुत गर्व है। यह सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि सेवा का मिशन है। उन सबका आभार जिन्होंने अपने बच्चों के लिए हम पर भरोसा जताया। आपका विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। सेवा का जो दीप जलाया है वह यूं ही जलता रहे और नन्हीं मुस्कान के साथ यह सफर यूं ही चलता रहे।

मानवता के प्रहरी हैं डॉक्टर अरुण जैन
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन ने कहा, आगरा विकास मंच के निशुल्क चिकित्सा शिविरों में सबसे पहले उपस्थिति डॉक्टर अरुण जैन की होती है। उनकी पैथोलॉजी का स्टाफ सर्वप्रथम आता है, जो यह दिखाता है कि उनके हृदय में पीड़ित मानवता के प्रति कितना बड़ा समर्पण है। अगर यह समर्पण नहीं होता तो अशोक जैन सीए के समय से साथ नहीं होते और उनके बाद भी जुड़ना संभव नहीं था। दिल्ली, मुंबई के डॉक्टर भी यहां सेवा देना चाहते हैं लेकिन अशोक जैन सीए ने उन्हीं की सेवाएं लेने का निश्चय किया जो अंतःकरण से मानवता के प्रति समर्पित है। आशा है आगे भी इसी तरह मानवता के प्रति समर्पित रहेंगे। जब यह हॉस्पिटल गोल्डन जुबली बनाएगा तब यह राष्ट्र में भी मानवता समर्पण के लिए जाना जाएगा।
देश भक्ति की भावना तभी बाल रोग विशेषज्ञ बने
सर्जन डॉ सुनील शर्मा ने कहा कि डॉक्टर अरुण जैन का परिवार रामायण का रूप है। जिसमें देशभक्ति की भावना होती है वही बालरोग विशेषज्ञ बनता है। डॉक्टर अरुण जैन के यहां आना सौभाग्य की बात है।
भारत के भविष्य को स्वस्थ कर रहे
आगरा विकास मंच के संयोजक सुनील कुमार जैन ने कहा कि डॉ अरुण जैन भारत के भविष्य को स्वस्थ कर रहे हैं, जो सेवा की प्रेरणा होता है। समाज के प्रति दायित्व निभा रहे हैं।
माता-पिता की सेवा कर इतिहास बनाया
राकेश जैन ने कहा, डॉ अरुण जैन ने अपने माता-पिता की जो सेवा की है वह हमारे परिवार में इतिहास बना है। अपने सभी सहयोगियों का मान सम्मान बढ़ा रहे हैं।
सफल आयोजन: सहयोग और सहभागिता की मिसाल
महेंद्र जैन ने भजन के माध्यम से सेवा का महत्व बताया। अतिथियों का स्वागत ध्रुव जैन और यश जैन ने किया, जबकि संचालन संदेश जैन ने किया। इस अवसर पर जयरामदास, विजय सेतिया सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन ने सामाजिक एकजुटता और सेवा भावना का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।

संपादकीय: सेवा का वह दीप, जो पीढ़ियों को रोशन करेगा
अगर चिकित्सा को केवल पेशा मान लिया जाए तो वह सीमित हो जाती है, लेकिन जब वही चिकित्सा सेवा बन जाती है, तो वह इतिहास रचती है—और डॉ अरुण जैन ने यही किया है।
25 वर्षों तक निरंतर बच्चों की सेवा करना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के विश्वास, लाखों मुस्कानों और अनगिनत आशीर्वादों का संचित परिणाम है। आज के दौर में, जहां चिकित्सा क्षेत्र अक्सर व्यावसायिकता के आरोपों से घिरा रहता है, वहां डॉ अरुण जैन जैसे चिकित्सक एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं।
उनकी सोच स्पष्ट है—“बच्चे स्वस्थ होंगे तो देश मजबूत होगा।” यही कारण है कि वे केवल इलाज तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जागरूकता, संस्कार और स्वस्थ जीवनशैली को भी उतना ही महत्व देते हैं।
उनकी सेवा का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वे हर छोटे-बड़े मंच पर, हर निशुल्क शिविर में, हर जरूरतमंद के साथ सबसे पहले खड़े दिखाई देते हैं। यह समर्पण ही उन्हें भीड़ से अलग करता है।
समाज को ऐसे ही चिकित्सकों की जरूरत है, जो केवल शरीर नहीं, बल्कि भविष्य को भी स्वस्थ बनाते हैं।
डॉ अरुण जैन का यह 25 वर्षों का सफर एक प्रेरणा है—उन सभी के लिए जो सेवा को अपना धर्म मानते हैं।
अगर यही जज़्बा बना रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब यह संस्थान केवल आगरा ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सेवा और समर्पण का प्रतीक बन जाएगा।
नमन उस सेवा को, जो नन्हीं मुस्कानों में बसती है।
डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक
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