प्रयागराज। रीवा एक्सप्रेस में हुए जानलेवा हमले के बाद मेडिकल कॉलेज में उपचार कराकर सर्किट हाउस पहुंचे आशुतोष महाराज ने मीडिया के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर ज्योतिष्मठ के शंकराचार्य पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब उन्हें अदालत में साक्ष्य पेश करने से रोकने के लिए किया गया है।
“गुरू के चरणों में चढ़ानी है तुम्हारी नाक”
आशुतोष महाराज ने बताया कि हमलावर अकेला था और किसी ‘बॉडी बिल्डर’ की तरह दिख रहा था। उन्होंने दावा किया कि हमले के दौरान उस शख्स ने चिल्लाकर कहा, “तुमने हमारे गुरू के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) का मुकदमा कराया है, आज तुम्हारी नाक काटकर गुरू के चरणों में चढ़ानी है।” आशुतोष के मुताबिक, हमलावर के पास उस्तरे जैसा कोई बेहद पैना और धारदार हथियार था।
बाथरूम के पास घात लगाकर बैठा था हमलावर
वारदात का विवरण देते हुए आशुतोष ने कहा, “सुबह करीब 5 बजे जब मैं बाथरूम की तरफ जा रहा था, तो वह गेट पर खड़ा था। मुझे लगा कोई यात्री है जो अगले स्टेशन पर उतरने वाला है। अचानक उसने हमला कर दिया। मैंने चेहरा नीचे कर लिया और बचाव में खड़ाऊं व घूंसे चलाए। शोर सुनकर दूसरी बोगी के लोग भी चिल्लाने लगे, जिसके बाद वह भाग निकला।”
”दिखना कम हो गया, लेकिन पीछे नहीं हटूंगा”
हमले की गंभीरता बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके चेहरे और आंखों के पास गहरी चोटें आई हैं, जिससे उन्हें धुंधला दिखाई दे रहा है और वे व्हाट्सएप मैसेज तक नहीं पढ़ पा रहे हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “मेरे पास जो साक्ष्य (Evidence) हैं, बस उन्हें अदालत में पेश करने तक मुझे सुरक्षित रखा जाए, उसके बाद चाहे मुझे मार दें।”
कानूनी लड़ाई का ऐलान
शंकराचार्य द्वारा इसे ‘मीडिया अटेंशन’ और ‘ड्रामा’ बताए जाने पर आशुतोष ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कोई अपनी नाक खुद थोड़े ही कटवा लेगा? वह (शंकराचार्य) खुद अपनी नाक कटवाकर देख लें। हम उन्हें कानून से मारेंगे। मेरे खून की एक-एक बूंद का हिसाब अदालत में होगा। हमारे समर्थक भड़क गए हैं और अब हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
पुलिस जांच और साक्ष्य
आशुतोष का दावा है कि हमलावर के बारे में महत्वपूर्ण सुबूत पुलिस तक पहुँच चुके हैं। जीआरपी इस बात की जांच कर रही है कि हमलावर फर्स्ट एसी कोच में कैसे दाखिल हुआ और क्या वह पहले से ही आशुतोष की रेकी कर रहा था।
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