आगरा: ताजनगरी के सबसे बड़े दवा बाजार, फुवारा मार्केट में ड्रग विभाग का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। अवैध दवा भंडारण और संदिग्ध खरीद-फरोख्त की शिकायतों पर विभाग की टीम ने लगातार दूसरे दिन भी ताबड़तोड़ छापेमारी की। राजधानी, ओम, भगवती और विभोर जैसे बड़े दवा प्रतिष्ठानों पर चली लंबी जांच ने मार्केट के व्यापारियों में बेचैनी पैदा कर दी है।
गोदाम में हाई-वोल्टेज ड्रामा: अधिकारियों से तीखी बहस
जांच के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब टीम ‘राजधानी’ के गोदाम की तलाशी लेने पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, स्टॉक की चेकिंग के दौरान विभागीय अधिकारियों और प्रतिष्ठान संचालकों के बीच तीखी बहस हुई। हालांकि, विरोध के बावजूद ड्रग विभाग की टीम ने पीछे हटने के बजाय सख्ती दिखाई और स्टॉक के साथ-साथ खरीद-बिक्री के सभी अहम दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
दस्तावेजों और स्टॉक का मिलान जारी
विभाग की रडार पर मुख्य रूप से दवाओं के बिल, लाइसेंस की वैधता और स्टॉक रजिस्टर में दर्ज एंट्रीज हैं। ड्रग विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई महज औपचारिक नहीं है; अगर कागजों और गोदाम में रखी दवाओं की मात्रा में जरा भी हेरफेर मिला, तो संबंधित दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जा सकती है।
अभी और गिर सकती है गाज
विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह जांच का दायरा अभी और बढ़ सकता है। फुवारा मार्केट के अन्य बड़े प्लेयर्स भी विभाग की रडार पर हैं। फिलहाल, ड्रग विभाग की इस ‘क्लीनअप ड्राइव’ ने पूरे थोक बाजार में हड़कंप मचा रखा है, और कई दुकानदार अपनी खामियों को छिपाने की जुगत में लग गए हैं।
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