Agra News: एत्मादपुर युवती की मौत मामले का खुलासा; ‘दोस्त’ की एक ‘ना’ और बदनामी के डर ने ली थी 14 वर्षीय किशोरी की जान

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आगरा: एत्मादपुर थाना क्षेत्र के नगला नथोली गांव की किशोरी लक्ष्मी की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह मामला किसी सोची-समझी साजिश का नहीं, बल्कि सामाजिक लोक-लाज के डर और कच्ची उम्र की नासमझी का एक दर्दनाक नतीजा निकला। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि किशोरी ने बदनामी के डर से यमुना में कूदकर अपनी जान दे दी थी।

पुलिस के अनुसार, किशोरी सिर्फ इतना चाहती थी कि उसका किशोर मित्र उसके साथ घर चलकर परिजनों को सच्चाई बता दे। लेकिन जब उसने साथ चलने से इनकार कर दिया तो वह मानसिक रूप से टूट गई और यह कदम उठा लिया।

शादी की रात से शुरू हुई घटना

10 फरवरी को गांव में एक पारिवारिक शादी थी। उसी दौरान किशोरी अपनी भाभी का मोबाइल लेकर सोने की बात कहकर निकली, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। अगले दिन परिजनों ने एत्मादपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। तीसरे दिन रात को उसका शव यमुना किनारे मिला।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया। शुरू में परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की धारा जोड़कर विस्तृत जांच शुरू की।

दोस्ती, डर और दबाव

थाना प्रभारी आलोक सिंह के मुताबिक, जांच में सामने आया कि किशोरी की गांव के ही 16 वर्षीय किशोर से दोस्ती थी। शादी की रात वह उसी से मिलने गई थी। उस समय उसके साथ 19 वर्षीय युवक विजय भी मौजूद था।

कुछ ग्रामीणों ने तीनों को साथ देख लिया, जिससे किशोरी घबरा गई। उसे डर था कि गांव में बात फैलने पर परिवार में विवाद खड़ा हो जाएगा। उसने दोनों से कहा कि वे उसके साथ घर चलें और परिजनों को सच्चाई बता दें।

लेकिन दोनों युवक खुद डर गए और साथ चलने से मना कर दिया। इसके बाद किशोरी इनर रिंग रोड की ओर चली गई। पुलिस के मुताबिक, उसने पहले किसी वाहन के सामने आने की भी सोची, लेकिन बाद में यमुना की ओर बढ़ गई और नदी में कूद गई।

फोन मैसेज से पुष्टि

जांच के दौरान पुलिस को मोबाइल से ऐसे संदेश मिले, जिनसे दोस्ती और उस रात हुई बातचीत की पुष्टि हुई। पुलिस ने घटना को छिपाने और मदद न करने के आरोप में नाबालिग किशोर और उसके साथी विजय को गिरफ्तार कर लिया। किशोर को बाल सुधार गृह भेजा गया है, जबकि विजय को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

एक दर्दनाक निष्कर्ष

पुलिस का कहना है कि यह मामला किसी साजिश से ज्यादा किशोरवय की अपरिपक्वता और सामाजिक दबाव का परिणाम है। एक किशोरी, जो सिर्फ अपने दोस्त का साथ चाहती थी, डर और बदनामी की आशंका से घिरकर ऐसा फैसला ले बैठी जिसने उसकी जिंदगी खत्म कर दी। जांच पूरी कर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

Dr. Bhanu Pratap Singh