आगरा। ताजनगरी के परिवहन विभाग वेतनभोगी सहकारी ऋण समिति लिमिटेड में 61.40 लाख रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। सहकारिता विभाग की आंतरिक जांच में गबन की पुष्टि होने के बाद, थाना नाई की मंडी में समिति के सचिव लाखन सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
कर्मचारियों के खून-पसीने की कमाई का हुआ बंदरबांट
जांच में सामने आया है कि परिवहन विभाग के कर्मचारियों के वेतन से ऋण अदायगी और अन्य मदों के नाम पर हर महीने कटौती की जाती थी। नियमानुसार इस राशि को सहकारी समिति के माध्यम से बैंक में जमा किया जाना था। लेकिन, पदाधिकारियों ने मिलीभगत कर इस रकम को बैंक में जमा करने के बजाय डकार लिया। कुल 61.40 लाख रुपये की राशि का हिसाब खातों में नहीं मिला।
पुलिस की रडार पर आरोपी, फॉरेंसिक जांच की तैयारी
धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने समिति के रिकॉर्ड्स को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रांजेक्शन डिटेल्स और बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। इस घोटाले में कुछ और चेहरों के शामिल होने की आशंका है। उधर, अपनी जमा पूंजी के साथ हुए इस धोखे से विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
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