लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के कभी कद्दावर नेता रहे और पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी आज आधिकारिक तौर पर समाजवादी पार्टी (SP) के सदस्य बनने जा रहे हैं। साल 2017 में बसपा से अलग होने के बाद सिद्दीकी लगभग आठ साल तक कांग्रेस के साथ रहे, लेकिन 24 जनवरी 2026 को उन्होंने कांग्रेस से भी इस्तीफा दे दिया था।
”बुलडोजर नहीं, मरहम की जरूरत”
सपा में शामिल होने से ठीक पहले सिद्दीकी ने अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की जमकर तारीफ की। उन्होंने प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “सिर्फ बुलडोजर चलाने से मसले हल नहीं होते, असली बदलाव लोगों का दिल जीतने और उनके जख्मों पर मरहम लगाने से आता है।” उन्होंने ब्राह्मण समुदाय के उत्पीड़न का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव के नेतृत्व की सराहना की।
8-10 पूर्व विधायकों के साथ शक्ति प्रदर्शन
नसीमुद्दीन सिद्दीकी अकेले नहीं, बल्कि अपने साथ एक बड़ा कुनबा लेकर समाजवादी परिवार में शामिल हो रहे हैं। उनके साथ 8 से 10 पूर्व विधायक और विभिन्न पार्टियों के कई पदाधिकारी भी सपा की सदस्यता लेंगे। सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि 2027 के मिशन के लिए उनकी प्राथमिकता अब सिर्फ अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी है।
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