आगरा। शहर में फर्जी दस्तावेजों के सहारे वाहन फाइनेंस कराने वाले एक घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने करीब 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 47 दोपहिया वाहनों पर फर्जी लोन लेकर फाइनेंस कंपनी को चूना लगाया गया।
तीन साल पुराने मामले में कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक यह मामला करीब तीन साल पुराना है, जिसमें थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज हुआ था। जांच के दौरान सामने आया कि सुनियोजित तरीके से फर्जी कागजात लगाकर दोपहिया वाहनों का फाइनेंस कराया गया। बाद में किस्तें जमा नहीं की गईं और दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए।
तकनीकी साक्ष्यों और लंबी जांच के बाद पुलिस ने दीपक कुमार और राहुल कुशवाहा को जोनल पार्क के पास से गिरफ्तार किया।
ऐसे किया गया फर्जीवाड़ा
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने फर्जी पहचान पत्र और कूट रचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। जिन नामों पर लोन कराया गया, उनकी पहचान और पते भी संदिग्ध बताए जा रहे हैं। कई मामलों में वाहन और खरीदार दोनों ही कागजों पर ही मौजूद थे।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। यह भी जांच हो रही है कि क्या इसी तरीके से अन्य फाइनेंस कंपनियों के साथ भी धोखाधड़ी की गई।
गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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