वाराणसी में शंकराचार्य से मिले पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, SC/ST एक्ट और UGC नियमों पर जताया विरोध

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वाराणसी। बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने रविवार शाम केदारघाट स्थित विद्या मठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की और कहा कि यह मुलाकात किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि एक शुभ संयोग है। इस दौरान सामाजिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई।

अग्निहोत्री ने बताया कि उन्हें पहले प्रयागराज में आमंत्रण मिला था, लेकिन समयाभाव के कारण नहीं पहुंच सके। काशी आगमन पर मुलाकात का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि आईआईटी-बीएचयू से शिक्षा लेने के कारण काशी से उनका भावनात्मक जुड़ाव भी है।

SC/ST एक्ट पर तीखी टिप्पणी

अलंकार अग्निहोत्री ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि इस कानून के तहत बड़ी संख्या में फर्जी मामले दर्ज होते हैं, जिससे लोगों को मानसिक और सामाजिक परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उनकी मांगों पर तय समय सीमा तक ध्यान नहीं दिया गया, तो केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध होगा।

केंद्र सरकार पर आरोप

अग्निहोत्री ने कहा कि उनकी लड़ाई मूल रूप से केंद्र सरकार से है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह राज्य सरकार के साथ भेदभाव कर रहे हैं और प्रशासन दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य के संसाधनों को प्रभावित करने वाली नीतियां अपनाई जा रही हैं।
इस्तीफे के बाद चर्चा में

माघ मेले के दौरान हुए विवाद के बाद पद से इस्तीफा देने के बाद से अग्निहोत्री लगातार चर्चा में हैं। उनका कहना है कि सनातन परंपराओं के अपमान को देखकर उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया।

UGC नियमों पर भी बयान

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए नियमों पर रोक के संदर्भ में भी उन्होंने टिप्पणी की। अग्निहोत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह का जाति-आधारित संस्थागत दुरुपयोग गंभीर सामाजिक असर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों पर संतुलित और जिम्मेदार संवाद जरूरी है।
कुल मिलाकर वाराणसी दौरे के दौरान उनके बयानों ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

Dr. Bhanu Pratap Singh